राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए DoT ने लिया बड़ा फैसला, अब से कॉलिंग ऐप्स के लिए लाइसेंस होगा अनिवार्य

नेहा राठौर

पिछले कई समय से सोशल मीडिया एप्स पर निजता को लेकर मचे बवाल के बाद DoT ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। DoT यानी भारतीय दूरसंचार विभाग ने राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए WhatsApp, Facebook Messenger और Skype जैसे कॉलिंग ऐप्स को रेगुलेट करने पर विचार करने का फैसला लिया है। ऐसे में DoT ने लाइसेंस व्यवस्था का काम शुरू करने से पहले इस मामले पर गृह मंत्रालय से उनकी राय मांगी है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार टेलीकॉम मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बताया कि DoT ने कॉलिंग ऐप्स वाली कंपनियों के लिए एक लाइसेंस जरूरी कर दिया है ताकि वो सभी कंपनियां भारतीय यूज़र्स का सारा डेटा भारत में ही स्टोर करें जैसे टेलिकॉम कंपनियां करती हैं।

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गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सरकार और अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया के बीच नई गाइडलाइन्स को लेकर तकरार जारी है। इसी कारण भारतीय दूरसंचार मंत्रालय ने सोशल मीडिया कॉलिंग ऐप्स के लिए लाइसेंस बनवाने और उसे रेगूलेट करने के लिए गृह मंत्रालय से उनका सुझाव मांगा है।

बता दें कि बीते दिनों भारत सरकार ने सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए गाइडलाइन जारी की थी, जिसके तहत भारत में विदेशी सोशल मीडिया कंपनियों को कारोबार करने की छुट दी गई है लेकिन इसके बदले प्लेटफॉर्म के गलत उपयोग को बंद करना होगा। विदेशी कंपनियों को भारत सरकार ने इस नई गाइडलाइन को मानने के लिए 90 दिनों का समय दिया था, जो बीती 26 मई को खत्म हो चुका है।

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ऐसे में व्हाट्सएप ने दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार की नई गाइडलाइन्स के विरोध में याचिका दायर की है। दायर याचिका के मुताबिक भारत सरकार की नई पॉलिसी यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन करती है, क्योंकि उसके लिए व्हाट्सऐप को

आपने उस यूजर की पहचान 72 घंटे के अंदर सरकार को बतानी पड़ेगी, जिसने सबसे पहले उस मैसेज को किया था, जिससे कंपनी अपने यूजर्स का भरोसा खो देगी, जिसका उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

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