Sunday, May 19, 2024
Homeअन्यDelhi Keshavpuram : जेई कृष्ण गहलोत पर लगाया गया रिश्वत लेकर नगर...

Delhi Keshavpuram : जेई कृष्ण गहलोत पर लगाया गया रिश्वत लेकर नगर निगम की जमीन पर सीढ़ी बनवाने का आरोप

अपनी पत्रिका ब्यूरो   

Delhi अशोक विहार के अंगर्गत आने वाले वजीरपुर गांव के रमेश कर्दम ने केशवपुरम जोन के मरम्मत मंडल द्वितीय के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर एक जेई पर रिश्वत लेकर अवैध रूप से सीढ़ी बनवाकर नगर निगम की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। इस शिकायती पत्र में वार्ड 64 में बेलदारों के माध्यम से अवैध उगाही का भी आरोप लगाया गया है। रमेश कर्दम ने अधिशासी अभियंता से अनुरोध किया है कि कृष्णकांत पर कार्रवाई के के साथ ही उनका ट्रांसफर भी किया जाये। इसके लिए उन्होंने डीएमसी एक्ट का हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी वार्ड या विभाग में कोई जेई तीन साल से ज्यादा नहीं रुक सकता है। कृष्ण गहलोत को तो तीन साल से ज्यादा वार्ड 64 में हो गए हैं।

रमेश कर्दम ने इस शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि वार्ड 64 के अंतर्गत अशोक विहार फेज 1 की कोठी डी 1 के मालिक संजय वर्मा ने अपनी कोठी के पीछे गली में गैर क़ानूनी रूप से नगर निगम की जमीन पर बहुत बड़ी एक सीढ़ी बना ली है। रमेश कर्दम ने आरोप लगाया है कि यह कब्ज़ा कृष्ण गहलोत से सांठ गांठ कर बनाया गया है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि कृष्ण गहलोत ने लाखों रुपये की रिश्वत लेकर यह सब अवैध काम कराया है।

उन्होंने इस शिकायती पत्र में यह भी लगाया गया है कि इस अवैध कब्जे की कई बार मौखिक शिकायत मो. पर दी गई है पर जेई ने कोई कार्रवाई नहीं की। रमेश कर्दम ने इस पत्र में कहा है कि जेई कृष्ण गहलोत के खिलाफ पूर्व में भी कई भ्र्ष्टाचार में लिप्त होने की शिकायत विभाग को की गई है। इस पत्र में कहा गया यही कि कृष्ण गहलोत दिल्ली नगर निगम की इस भूमि पर अवैध कब्जे कराने व गैर क़ानूनी काम करने में पूरी तरह से लिप्त है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि वार्ड 64 के क्षेत्र में अवैध वसूली के लिए जेई कृष्ण गहलोत ने अपने बेलदार सकुराम जून और राजवीर को केशव पुरम क्षेत्र में लगा रखा है तो वार्ड के नाला में जगत सिंह को लगा रखा है। ये बेलदार जेई कृष्ण गहलोत के इशारे पर अवैध काम से लाखों रुपये की रिश्वत ले रहे हैं।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि डीएमसी एक्ट के अनुसार किसी भी वार्ड या विभाग में कोई जेई 3 साल से ज्यादा नहीं रह सकता है, जबकि इस जेई को इस वार्ड में 3 साल से जायदा हो गए हैं। रमेश कर्दम ने इस शिकायती पत्र में कहा है कि नियम के अनुसार तो कृष्ण गहलोत का तबादला पहले ही हो जाना चाहिए था पर नहीं हुआ है। शिकायती पत्र में मांग की गई है कि जेई कृष्ण गहलोत को गैर क़ानूनी रूप से काम के मुकदमा दर्ज होने के साथ ही ट्रांसफर भी किया जाये।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments