Monday, April 15, 2024
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तीन लाख करोड़ का राहत पैकेज दे केंद्र सरकार : अनिल सिंह एडवोकेट

निवेशकों के भुगतान को लेकर सहारा इंडिया के खिलाफ ६ फरवरी को राष्ट्रव्यापी आंदोलन में ऑल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में तीन लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की है। यह बात संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल सिंह एडवोकेट ने खास बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत राय को संरक्षण दे रही है। यही वजह है कि तमाम एफआईआर दर्ज होने के बावजूद सुब्रत राय का कुछ बिगड़ नहीं पा रहा है।
सहारा सेबी के खाते में पड़े १७००० करोड़ रुपये पर उन्होंने कहा कि यह पैसा रियल एस्टेट कॉरपोरेशन या फिर हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के निवेशकों को ही मिलेंगे। यदि इन दोनों कंपनियों के निवेशक सेबी को नहीं मिले तो यह पैसा काला धन घोषित कर सरकार का हो जाएगा। निवेशकों को पैसा कहां से मिलेगा के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इसके लिए उनके संगठन ने केंद्र सरकार से तीन लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब उनकी लड़ाई आर-पार की है। सहारा इंडिया से पैसा मिलने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। अब तो केंद्र सरकार से ही पैसा मांगा जाएगा। सहारा-सेबी के खाते में जमा पैस मिलने पर सुब्रत राय के निवेशकों को देने की बात पर उन्होंने कहा कि यह उनका ढकोसला है। उनका पैसा केंद्र सरकार ही दिलवा सकती है। उन्होंने कहा कि या तो सहारा की संपत्ति नीलाम कर उनका पैसा दिलवाया जाए नहीं तो केंद्र सरकार ३ लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित करे।

सुब्रत राय की ठगी की चर्चा करते हुए अनिल सिंह एडवोकेट ने कहा है कि सुब्रत राय ने एक षड्यंत्र के चलते निवेशकों और कार्यकर्ताओं को ठगा है। उन्होंने कहा कि अब सुब्रत राय की किसी बात पर उन्हें विश्वास नहीं है। उन्होंने देशभक्ति को आगे कर लोगों को ठगा है। बिहार के संघर्ष के बारे में उन्होंने कहा कि आज की तारीख में सहारा निवेशकों के आंदोलन के सामने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सद्भावना यात्रा विफल साबित हो रही है। बिहार में जहां जनप्रतिनिधियों को घेरा जा रहा है वहीं सेंट्रल रजिस्ट्रार को फार्म भरके भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुब्रत राय ने निवेशकों और कार्यकर्ताओं को तो ठगा ही है साथ ही नौकरीपेशा लोगों को भी नहीं बख्शा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पटना एडीएम ने भी स्वीकार किया कि उनसे भी सहारा के एक एजेंट ने पैसा जमा करवा लिया था पर उन्होंने अपना पैसा निकाल लिया है। अनिल सिंह ने ६ फरवरी के प्रोटेस्ट की चर्चा करते हुए कहा कि यह आंदोलन जहां बिहार में जबर्दस्त ढंग से हुआ है वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड में भी निवेशकों ने जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया है।

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