व्यापमं घोटाला: दिग्विजय की याचिका पर सुनवाई 9 को

नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय मध्य प्रदेश के सनसनीखेज दाखिला और भर्ती घोटाले की शीर्ष अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करने वाली कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और तीन व्हिस्लब्लोअर की याचिकाओं पर नौ जुलाई को सुनवाई करने पर आज राजी हो गया। प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू और न्यायाधीश अरुण कुमार और अमित्व राय की पीठ ने कहा, ”हम सभी मामलों को एक साथ ले सकते हैं। यह नौ जुलाई को होगा।’’ सिंह और तीन व्हिस्लब्लोअर आशीर्ष चतुर्वेदी, डॉ. आनंद राय तथा प्रशांत पांडे ने शीर्ष अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की थीं। सोमवार को वकीलों के एक समूह तथा आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने शीर्ष अदालत से संपर्क कर उससे इस व्यापक घोटाले का संज्ञान लेने की अपील की थी। न्यायालय ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तारीख तय की थी। वकीलों के एक समूह द्वारा दाखिल की गयी याचिका में मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव को इस घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के आधार पर पद से हटाए जाने और मामले में उनका बयान दर्ज किए जाने की मांग की गई थी। अपनी याचिका में आप नेता ने शीर्ष अदालत से अपील की थी कि वह इस घोटाले का संज्ञान ले। उनका कहना था कि इस मामले के संबंध में 45 लोग रहस्यमयी परिस्थितियों में मारे जा चुके हैं। इससे पूर्व शीर्ष अदालत ने इस मामले की जांच को पूरा करने के लिए विशेष जांच दल को और चार महीने का समय दिया था जिसका गठन उच्च न्यायालय के एक आदेश के तहत किया गया था। करोड़ों रूपये के व्यापमं घोटाले में कई हाई प्रोफाइल पेशेवर, राजनेता और नौकरशाह आरोपी हैं। इस घोटाले में मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल कथित तौर पर संलिप्त है जो अध्यापकों, मेडिकल अधिकारियों, कांस्टेबलों और वन रक्षकों जैसे विभिन्न पदों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है।

 

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