बख्शे नहीं जाएंगे महिला को जलाकर मारने के दोषी: CM

बाराबंकी।  अपने पति को छुड़ाने के लिए रिश्वत देने से इंकार करने पर सोमवार को पुलिस थाने में कथित रूप से पुलिसकर्मियों पर जलाकर मारने का आरोप लगाने वाली महिला और एक स्थानीय पत्रकार की मां ने आज अस्पताल में दम तोड़ दिया जिसके बाद इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया कि घायल महिला नीतू द्विवेदी की आज सुबह इलाज के दौरान ट्रामा सेंटर में मौत हो गयी। महिला ने आरोप लगाया था कि पति को थाने से रिहा कराने के लिए पुलिस कर्मियों को रिश्वत न देने पर उन्होंने उसे जला दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि थाने पर तैनात पुलिस अधिकारियों की कथित अभद्रता और गाली गलौज से क्षुब्ध होकर महिला ने स्वयं आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की। लेकिन पीड़ित ने पुलिस थाना प्रभारी और उप निरीक्षक पर अपने पति की रिहाई के एवज में बतौर रिश्वत मांगे गए एक लाख रूपये देने से इंकार करने के बाद उसे आग लगा देने का आरोप लगाया था। एक हिन्दी दैनिक के क्षेत्रीय संवाददाता की मां नीतू ने सोमवार को मजिस्ट्रेट और मीडिया के सामने दर्ज कराये अपने बयान में कहा था कि पुलिस थाने में बंद पति रामनारायण को छुड़ाने वह कोठी थाने गयी थी, जहां थाना प्रभारी राय साहब सिंह यादव और उपनिरीक्षक अखिलेश राय ने उससे एक लाख रूपये की मांग की और देने से इंकार करने पर उसके साथ गाली गलौज की तथा थाने के बाहर उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

पुलिस का कहना है कि क्षुब्ध हो कर महिला ने थाने के द्वार पर कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘‘घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिये जा चुके हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’’ उन्होंने कहा कि जहां तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का सवाल है तो वह पहले ही शुरू की जा चुकी है और आगे जिस तरह की कार्रवाई की जरूरत पड़ेगी, वह की जाएगी। जिला पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को ही दोनों आरोपी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस ने बताया कि गहा गांव में एक लड़की को प्रताड़ित करने की घटना को लेकर गोली चलाए जाने के सिलसिले में पूछताछ के लिए राम नारायण को शनिवार को पुलिस थाना लाया गया था। करीब एक माह पहले ही पत्रकार जगेन्द्र सिंह को उप्र के शाहजहांपुर जिले में कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर आग लगा दी थी। सिंह के परिवार वालों ने उप्र के मंत्री राम मूर्ति वर्मा तथा पुलिस कर्मियों सहित पांच अन्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

 

Comments are closed.