बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को चार घंटे तक पाठ पढ़ाएगी दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली। बिना हेलमेट पहने बाइक चलाते हुए पकड़े जाने पर अब बहानेबाजी नहीं चलेगी। यातायात पुलिस चालान करने के साथ-साथ चार घंटे की काउंसिलिंग भी करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यातायात पुलिस जल्द ही इसे लागू करने जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शरद अग्रवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने पहले सभी राज्यों को बिना हेलमेट व सीट बेल्ट पहने चालकों की काउंसिलिंग के आदेश दिए थे। जब तक काउंसलिंग नहीं होगी, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त रहेगा।
जानकारी के अनुसार गत वर्ष जनवरी से जून तक दोपहिया वाहन सवार 290 लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष महिलाओं की मौत का आंकड़ा 50 पार कर चुका है। इन हादसों की जांच हुई तो पता चला कि अधिकतर हादसों की वजह हेलमेट नहीं पहनना था।
यातायात पुलिस ने इसके खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत इस वर्ष 10 सितंबर तक टिपल राइडिंग श्रेणी में 42,248 चालान और बिना हेलमेट वाले 3,27,814 चालकों का चालान हुआ। वहीं बाइक पर बिना हेलमेट पहने बैठीं 1,31,379 सवारियों का चालान कटा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने सुझाव दिया कि बिना हेलमेट पहने चालकों का चालान करने के साथ-साथ काउंसिलिंग भी हो। करीब चार घंटे की काउंसिलिंग में चालकों को हेलमेट पहनने के फायदे व सड़क हादसों की स्थिति में हेलमेट से होने वाले बचाव बताए जाएंगे।
इतना ही नहीं हादसे की वीडियो फिल्म भी दिखाई जाएगी। फिलहाल ट्रैफिक पुलिस एक एनजीओ की मदद से काउंसलिंग सेंटर चलाती है। काउंसलिंग का समय सुबह में दो घंटे और दोपहर बाद दो घंटे का रहता है। ट्रैफिक पुलिस अफसरों के मुताबिक ताबड़तोड़ अभियानों के बावजूद अनेक दुपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं पहनते।

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