पोंगल पर्व में अनोखा करतब

नार्थ-वेस्ट दिल्ली के शकूरपुर में दक्षिणी राज्यों का पर्व पोंगल श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया । सात दिनों के इस पर्व को श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से मन्नत पूरी होने की आस में अलग-अलग तरीकों से  मनाया । कुछ लोगों ने तो नंगे पैर दहकते अंगारों पर चले । वहीं कुछ लोगों ने मुंह में लोहे के सरिये आरपार निकालकर अपनी श्रद्धाभाव प्रकट किये। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस तरह कष्ट उठाने से उनकी मन्नतें पूरी होती है । अंगारों पर चलने से जो कुछ हल्की त्वचा जलती है उसको दवाई की जरूरत नहीं होती वो माता की भभूत से ही ठीक हो जाती है।

गौरतलब है कि शकूरपूर , पप्पन कलां , डाबड़ी , ख्याला , भारत नगर, इंद्र पूरी, भारत विहार, में बड़े पैमाने पर दक्षिणी राज्यों के लोग रहते हैं । पोंगल पर्व खासकर मार्च, अप्रैल , मई और जून में मनाया जाता है । लोग इसे अलग – अलग धारणा से पूजते हैं । पोंगल पर्व सात दिनों तक चलता है । इनमें लोग माता मारीअम्मन की पूजा करते हैं ।  श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था के इस पर्व में जिनकी मन्नत पूरी हो जाती है, वह पुरुष गाल के आर-पार पंद्रह फुट का त्रिशूल लगा लेते हैं, जिसके बाद दहकते अंगारों पर चलकर माता के सामने नतमस्तक होते हैं । श्रद्धालुओं में धारणा है कि ऐसा करने से माता खुश होती है ।

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