नेताजी सुभाष प्लेस में पार्किंग माफिया का राज और गुंडागर्दी

दिल्ली के पितमपुरा स्थित नेताजी सुभाष प्लेस में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के पार्किंग में ठेकेदारों और माफियाओं का राज बिना किसी खौफ़ के धड़ल्ले से जारी है। यहां गाड़ी पार्क करने वालों से पार्किंग के नाम पर न सिर्फ अवैध वसूली की जाती है, बल्कि आये दिन लोगों को उनकी गुंडागर्दी का शिकार भी होना पड़ता है। साथ ही इस पार्किंग से प्रतिमाह करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की जा रही है। लोगों ने उप राज्यपाल से लिखित शिकायत भी की है और प्रदर्शन भी कर रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा अब तक सिफ़र ही है।

नार्थ दिल्ली में डीडीए के सबसे बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में शुमार होने वाले नेताजी सुभाष प्लेस जहां कई राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं। यहां करीब 11,778 स्क्वेयर फीट में तैयार किये गये इस पार्किंग साइट पर हजारों कारोबारी और कर्मचारी हर दिन काफी तादाद में गाड़ी पार्किंग करते हैं। इनका कहना है कि डीडीए द्वारा नियुक्त ठेकेदार उनसे पार्किंग के नाम पर न केवल 100 रुपये प्रतिदिन (जो कि बहुत ज्यादा है) वसूल करते हैं, बल्कि उनके साथ गलत व्यवहार भी करते हैं। पार्किंग की परेशानी से जुझ रहे यहां की कई एसोशिएशन ने इस पार्किंग को अवैध बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है । साथ ही इस मामले में पुलिस और पार्किंग ठेकेदारों के बीच  मिलीभगत होने का आरोप भी लगा रहे हैं।  नाराज स्थानीय कारोबारी और अन्य लोगों का आरोप है कि वे काफी समय से इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है की वे उप राज्यपाल (एलजी) को भी इस मामले में लिखित रुप से सूचना दी है, लेकिन अभी तक इन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों की मानें तो पार्किंग के नाम पर हो रहे इस अवैध वसूली से हर महीने करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। वहीं दिल्ली विकास प्राधिकरण इस तरह की कोई जानकारी से खुद का पल्ला झाड़ रहा है। हालांकि डीडीए ने अभी तक इस पार्किंग साइट को एमसीडी के हवाले नहीं की है।

स्थानीय कारोबारियों और बिल्डिंग मालिकों का कहना है की डीडीए ने 60 हज़ार स्केयर मीटर में से महज 11 ,778 स्क्वेयर मीटर एरिया ही पार्किंग के लिये दिया है लेकिन पार्किंग माफिया पुरे इलाके में यहाँ तक की सडकों पर भी पार्किंग लगाकर अवैध वसूली कर रहा है। डीडीए की खाले पड़े प्लाटों पर भी पार्किंग वसूली जा रही है और शिकायत करने की बावजूद भी प्रशासन कोई करवाई नहीं कर रही है । लिहाज़ा अब उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। लोगों की मानें तो इस ठेके माफियाओं के साथ एमसीडी और डीडीए अधिकारियों की भी मिलीभगत है, जिसकी वजह से इस मामले में कोई प्राशनिक कार्रवाई अब तक नहीं हो पायी है।

गौरतबल है कि इस कमर्शियल काम्प्लेक्स में करीब 5000 हजार से ज्यादा आफिस हैं जिसमें हजारों लोग काम करते हैं। ऐसा मामला यहां पहले भी हुआ था और पार्किंग माफिया पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली शुरू करवाने की कोशिश की थी लेकिन वे कामयाब नहीं हुए थे। लेकिन इस बार ये माफिया बिना किसी भय के मनमानी वसूल कर रहे हैं। यहां 20 रुपये प्रतिघंटा की दर से पार्किंग शूल्क वसूल किया जाता है। पार्किंग कर्मचारी भी यह मानते हैं कि गाड़ियों को तब तक नहीं छोड़ा जाता है जब तक कि वे पूरे शूल्क वसूल नहीं लिये जाते हैं।  गोपाल हाईट्स के उप प्रधान देवेन्द्र कुमार, पर्ल बिजनेस भवन के प्रधान संजीव पाठक, के.एल.जे.टावर के उप प्रधान प्रदीप जैन तथा अन्य लोगों का कहना है कि तीन महीने पहले अचानक वहां पर पार्किंग ठेकेदार सक्रीय हो गये हैं।  ठेकेदारों ने दावा किया है कि एमसीडी ने उन्हें पार्किंग का ठेका दिया है। इस तरह पार्किंग ठेकेदारों ने मनमानी शुरू कर दी और लोगों से वाहन खड़ी करने के एवज में वसूली करने लगे जो बदस्तूर जारी है।

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