विपक्ष ने सुषमा के साथ प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली  विपक्षी दलों ने आज कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा घोटाला-दागी पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी को मदद पहुंचाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मामले में सुषमा के इस्तीफे की भी मांग की। हालांकि सत्तारूढ़ भाजपा सुषमा के साथ खड़ी नजर आई, वहीं कांग्रेस ने इसके ‘‘दोहरे मापदंडों’’ की निन्दा की और कहा कि विवाद पर प्रधानमंत्री को राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ललित मोदी को सुषमा स्वराज की मदद इस ओर इशारा करती है कि संभवत: प्रधानमंत्री की परोक्ष मंजूरी से पूरी भाजपा सरकार ने एक भगोड़े की सहायता की है।

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘‘यह इसलिए हुआ है क्योंकि ललित मोदी––भी एक ‘मोदी’ हैं। इसलिए, भारत सरकार उनकी मदद कर रही है। मैं इसकी कड़ी निन्दा करता हूं। मैं भाजपा के दोहरे मापदंडों की निन्दा करता हूं। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए सरकार संयुक्त रूप से जिम्मेदार है। स्वराज को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि सरकार भी, इसके लिए जिम्मेदार है, प्रधानमंत्री को राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए।’’ ब्रिटिश मीडिया के अनुसार, जिसने लीक हुए ई मेल्स का हवाला दिया, ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ब्रिटेन के शीर्ष आव्रजन अधिकारी पर दबाव डालने वालों में सुषमा का नाम आया है। ललित मोदी टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में कोष के गबन के आरोपी हैं।

माकपा ने बयान जारी कर सुषमा स्वराज द्वारा ललित मोदी की मदद को ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ बताया और मामले में जांच की मांग की। पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने मांग की कि प्रधानमंत्री को संसद और देश को बताना चाहिए कि मामले का समाधान किस तरह होने जा रहा है। ‘‘सबसे पहले, विदेश मंत्री के खिलाफ बहुत ही गंभीर आरोप लगे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री चुप एवं शांत हैं। येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से पूछ रहे हैं हमें यह बताएं कि इसका समाधान किस तरह होने जा रहा है..इसलिए इस स्थिति में, प्रधानमंत्री, जिनका विशेषाधिकार है कि परिषद (मंत्रियों की) में किसे रखा जाए, को इसका उत्तर देना है।’’

तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत राय ने कहा कि सुषमा को मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था और अब उन्हें मंत्री के रूप में कुछ ‘‘अनुचित’’ करने की बात स्वीकार करनी चाहिए। भाजपा हालांकि सुषमा स्वराज का लगातार बचाव कर रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सुषमा ने ललित मोदी की मदद ‘‘मानवीय आधार’’ पर की थी। उन्होंने कहा, ‘‘सुषमा स्वराज का जीवन पारदर्शिता और ईमानदारी से भरा है। उनकी ईमानदारी संदेह से परे है। उन्होंने जो कुछ किया, वह उन्होंने मानवीय आधार पर किया। यदि किसी ने नियम कानूनों का पालन करते हुए मदद की तो उसमें अपराध कहां है?’’

जाने माने अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि एक मंत्री द्वारा पूर्व आईपीएल आयुक्त की मदद करना ‘‘पूरी तरह गलत’’ है। उन्होंने इस तरह के मामलों से निपटने के लिए हितों के टकराव से संबंधित एक कड़ा कानून लाने की मांग की। भूषण ने कहा, ‘‘इसके बजाय, भाजपा भ्रष्टाचार रोकथाम कानून को, यहां तक कि इससे आपराधिक कदाचार को हटाकर, कमजोर कर रही है। इससे पता चलता है कि नरेंद्र मोदी सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने को कटिबद्ध नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरे विचार से, उन्हें (सुषमा को) इस्तीफा दे देना चाहिए, लेकिन यह फैसला करना भाजपा के लोगों का काम है।’’

ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज हासिल करने में ललित मोदी की मदद करने को लेकर सुषमा बड़े विवाद के केंद्र में हैं, लेकिन उन्हें सरकार और भाजपा से जबर्दस्त समर्थन मिला है, जिसने कथित ‘‘अनुचित काम’’ के लिए सुषमा के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया है। विवाद की शुरूआत ई मेल्स के खुलासे से हुई जिनसे पता चला कि सुषमा ने पिछले साल जून में ललित मोदी को पुर्तगाल यात्रा के लिए यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कीथ वाज और यहां इसके उच्चायुक्त जेम्स बीवन से बात की थी जिससे कि ललित मोदी अपनी पत्नी के कथित कैंसर उपचार के लिए पुर्तगाल जा सकें। भारत में वांछित ललित मोदी ने 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुए टी––20 क्रिकेट टूर्नामेंट में विदेशी विनिमय कानून के कथित उल्लंघन में जांच से बचने के लिए 2010 से लंदन को अपना घर बना लिया है। पूर्व संप्रग सरकार ने उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया था और उनके प्रत्यर्पण के लिए जोर दिया था।

दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी को ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज हासिल कराने में मदद पहुंचाने के लिए उनसे इस्तीफे की मांग की। नारे लगा रहे और हाथों में प्लेकार्ड लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुषमा स्वराज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि वह तत्काल इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उन्हें तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सुषमा स्वराज का पुतला भी जलाया।

 

Comments are closed.