बेटे की मौत के सदमें ने ली मां की जान

नेहा राठौर

पश्चिम बंगाल में भीड़ के हमले में शहीद होने वाले बिहार के किशनगंज के थानेदार अश्वनी कुमार के बाद उनकी मां ने भी दम तोड़ दिया है। जब से उन्हें उनके बेटे की मौत की खबर मिली थी तब से वह सदमे में थी। रविवार को दोपहर दो बजे मां और बेटे दोनों का साथ में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जानकारी के मुतबिक हाल ही में अश्वनी कुमार बंगाल के पनतापारा गांव में एक अपराधी को पकड़ने गए थे। जब वह वहां पहुंचे तो वहां के थाना प्रभारी ने उनसे कहा कि ओडीओ उनके साथ जाएगा। जब जाने का समय हुआ तो ओडीओ ने अश्वनी से कहा कि आप जाइए, हम आते है। ऐसे में अश्वनी कुमार अकेले ही गांव में चले गए। जैसे ही वह गांव पहुंचे गांव वालों ने उनपर लाठी, डंडे और पत्थर से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी थी।

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मामला के सामने आने के बाद किशनगंज के एसपी कुमार आशीष ने सर्किल इंस्पेक्टर समेत सात अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इन सस्पेंड हुए सभी पुलिसकर्मियों पर अश्वनी कुमार को भीड़ में अकेला छोड़ने के आरोप लगाए गए है। इस मामले पर पूर्णिया रेंज के आईजी ने बताया कि अश्वनी कुमार बंगाल एक बाइक चोरी के मामले में छापेमारी करने पहुंचे थे। इस मामले में बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।

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