“जाट आरक्षण अधिकार रैली” में जाटों का आह्वान , लड़नी होगी सड़क से संसद तक की लड़ाई

Jaat adhikar rally-2

-गोमती तोमर

जन्तर-मन्तर, नई दिल्ली। जाट आरक्षण को वापिस प्राप्त करने के लिये पूर्व के आन्दोलनों की भांति तैयार रहना होगा।  जाट समाज के सभी सामाजिक संगठनों व खापों द्वारा आयोजित “जाट आरक्षण अधिकार रैली” में बोलते हुए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यषपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज को माननीय प्रधानमन्त्री व भाजपा अध्यक्ष ने द्वारा जाट आरक्षण को बहाल करने का भरोसा दिया गया था उससे भी ज्यादा रफ्तार से उसी भारत सरकार के विभिन्न विभागों जैसे यूपीएससी बैंक, इन्ष्योरेन्स कम्पनीयों व अन्य केन्द्रीय सेवाओं के साथ-2 प्प्ड व प्प्ज् में पास छात्रों को इन्टरव्यू, नौकरी व दाखिलों से वंचित किया जा रहा है। सरकार समय रहते इन परेषानियों को दूर करे अन्यथा देष भर का जाट सड़क पर उतरने को तैयार है और अगर जाट सड़कों, रेलवे ट्रैक व दिल्ली के पानी व तेल आपूर्ति रोकने जैसे कड़े कदम उठाने को तैयार होता है तो उसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। जाट समाज अपने हकों की लड़ाई के लिये हर कुर्बानी को तैयार है। श्री यषपाल मलिक ने कहा कि सरकार द्वारा रिव्यू पिटिषन डाल दी गई है उस पर जल्द सुनवाई कराई जाये।

इस अवसर पर हरियाणा प्रदेष के अध्यक्ष धर्मपाल धारीवाल, प्रदेष प्रवक्ता रामभक्त मलिक, दिल्ली प्रदेष के अध्यक्ष माँगेराम तेवतिया, प्रदेष महासचिव रोहताष हुड्डा, पूर्वी दिल्ली अध्यक्ष राज कुमार, राजस्थान से महाराज सिंह चाहर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मानवेन्द्र वर्मा, मध्य प्रदेष प्रभारी हरिनारायण जाट व राष्ट्रीय महासचिव राधेष्याम जाट उत्तराखण्ड से सतेन्द्र मलिक, जम्मू-कष्मीर से सरदारी लाल अन्य पदाधिकारियों द्वारा यह आष्वासन दिया गया कि सभी प्रदेषों के आन्दोलन से सम्बन्धित सभी राज्यों में तैयारी जोरों से चल रही है। अगर भारत सरकार जाट समाज के साथ किसी भी तरह का भेदभाव करेगी तब देष का हर नौजवान, बुजुर्ग व महिलाऐं सभी एक साथ इस आन्दोलन के लिये तैयार हैं और उसकी तैयारी हर स्तर पर की जा रही है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव सत्यपाल चैधरी ने कहा कि देष में आज तक अपने हकों की लड़ाई को भी सरकार को चुनौती ही देनी पड़ी है। इस आन्दोलन में शहीद सुनील, सन्दीप व विजय सिंह कडवासरा की शहादत की तरह है हम सब तैयार है। जब तक जाट समाज सड़क से संसद तक लड़ाई नहीं लड़ेगा तब तक सरकार की नींद नहीं टूटेगी।
इस अवसर पर जाट समाज के अन्य संगठनों जैसे संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष चै. ज्ञानेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय महासचिव रण सिंह शौकीन, उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र चैधरी आदि ने कहा कि जाट समाज हर आन्दोलन व कुर्बानी के लिये तैयार है। जाट समाज को कानून बनाकर आरक्षण दिया जाये। अब समय आ गया कि हम अपने अधिकारों के लिये सब कुर्बानी देने को तैयार हैं। हरियाणा जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कर्नल सन्धु, हवा सिंह सांगवान, अषोक मदीना, राम कटारिया उत्तर प्रदेष से संयुक्त जाट आरक्षण समिति के अध्यक्ष एच.पी.सिंह परिहार, चै. अमन सिंह, राजीव चैधरी आदि वक्ताओं ने भी अपने विचारों में सरकार से जल्द निर्णय लेने को कहा।
इस अवसर पर हरियाणा व उत्तर प्रदेष से खाप संगठनों द्वारा भी सरकार को चेतावनी दी गई कि जाट समाज के अधिकारों के देने में देरी ना की जाये। हरियाणा से जाटू खाप के प्रधान सूबेदार सूरजमल, पूनिया खाप के प्रधान महेन्द्र पूनिया, सरोहा खाप के प्रधान रणधीर सरोहा, दहिया खाप से सुरेन्द्र दहिया, रोहतक खाप हरवीर अहलावत, हुड्डा खाप, सातवास, गठवाला, आन्तिल दानोदा खाप, कण्डेल आदि 50 से अधिक खापों व उत्तर प्रदेष से बालियान खाप के नरेष टिकैत, गठवाल से राजेन्द्र मलिक, अहलावत खाप, चैवीस, राठी, पंवार आदि खापों ने आज की “जाट आरक्षण अधिकार रैली” में हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में युवा जाट भाईयों ने हिस्सा लिया सभी ने भविष्य में एक जुट रहकर आन्दोलन को सुचारू रूप से चलाने का निर्णय लिया।

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