आयुष्मान खुराना ने बाल श्रम को बताया बच्चों के अधिकारों का हनन

नेहा राठौर

देश में आज के दिन यानी 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना जोकी यूनिसेफ के वैश्विक अभियान एंडिंग वॉयलेंस अगेंस्ट चिल्ड्रन के सेलिब्रिटी एडवोकेट हैं। उन्होंने बाल श्रम को पूरी तरह से बच्चों के अधिकारों का हनन बताया है।

उन्होंने कहा कि ‘बाल श्रम बच्चों के बचपन को लूटता है और यह उनके अधिकारों का हनन करता हैं। कोविड-19 ने बच्चों को पहले के मुताबिक और भी ज्यादा कमजोर बना दिया है, खासकर बाल श्रम से छोटी-छोटी बच्चियों और विस्थापित बच्चों को ज्यादा जोखिम है। कोरोना के कारण स्कूलों के बंद होने, घर का माहौल बिगड़ने, पेरेंट्स की मौत होने पर और परिवार में किसी की नौकरी जाने के चलते ही बच्चों को बाल श्रम का रास्ता अपनाना पड़ता है।

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अभिनेता ने आगे कहा कि इसे रोकने के लिए सब हाथ मिलाएं। सबसे गरीब परिवारों की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में खुलकर बात करें और इस बात को ज्यादा से ज्यादा अहमियत दें कि स्कूल खुलने पर सभी बच्चे निश्चित तौर पर स्कूल जाए और यदि आप किसी बच्चे को किसी भी परेशानी में देखें तो तुरंत चाइल्डलाइन 1098 पर कॉल करें।

बता दें कि ड्रीम गर्ल, आर्टिकल 15, बधाई हो जैसी हिट फिल्में दे चुके आयुष्मान खुराना अब कुछ और दिलचस्प फिल्मों में नजर आने वाले हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ और ‘अनेक’ इस साल रिलीज होने वाली है लेकिन कोरोना के कारण इनकी रिलीज डेट को टाला जा सकता है।

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