एक तांत्रिक बीड़ी वाले बाबा जो बुराड़ी में 11 लोगो की मौत के रहस्य से जुड़ा

गोमती तोमर ,
एक तांत्रिक बीड़ी वाले बाबा जिसका असली नाम चंद्र प्रकाश पाठक पिता स्वर्गीय प्यारे लाल पाठक है। जो कराला में शिव विहार नाम की एक कालोनी में हनुमान का मंदिर बना कर बैठा है। बुराड़ी में 11 लोगो की मौत में इस बाबा का भी हाथ बताया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर के पास रामा विहार में रहने वाले एक कुलदीप राणा ने अपने पत्र में लिखते हुए ये बताया की ललित एवं उसके परिवार वाले इस बीड़ी वाले बाबा के पास आते जाते थे। ये बाबा तांत्रिक विध्याओं में माहिर है और खुद को हनुमान जी का भगत बताता है।सुबह 9 बजे से श्याम 6 बजे तक झाड़ फुक का काम करता है ,और ये इस बात का भी दावा देता है की किसी को परेशान करना जान से मारने तक की गारंटी लेता है और इन सबके पैसे भी लेता है। इन 11 लोगो में जो मास्टर माइंड ललित था उसकी बेटी की शादी नहीं हो रही थी जिसके कारण बताया जा रहा है की वो कई बार इसके पास आया।इस बात की पुष्टि करने जब मिडिया बाबा के पास पहुंचीं तो नजारा कुछ और ही था हनुमान का भगत कहने वाले ने मंदिर तो बना रखा था पर मंदिर कम मानो मूर्तियां बेचने की दूकान बना रखा हो एक एक भगवान की न जाने कितनी मूर्तियां राखी थी कई तरह के शिवलिंग कई तरह की दुर्गा की मूर्तियां ,कई सारे काले सर्प जो किसी शिवलिंग पर नहीं बल्कि जमीन पर स्थित थे शिवलिंग पर यूं तो जलाधारी राखी जाती है लेकिन ये दाढ़ी वाले बाबा ने शिवजी को भी अपने अनुसार बना डाला यहाँ जलाधरी नहीं बल्कि नारियल के ढेर रखे देखे। तरह तरह के जानवरो के खिलोने लटकाये हुए ये दर्शा रहे थे मानो इंसान को जानवर बनाने की विद्या पर कोई काम किया जा रहा हो। जब वहां आने वाले लोगो से पूछा गया की वो किस तरह की समयों के लिए बाबा के पास आते है तो उन्होंने कहाँ की किसी को कही शारीरिक पीड़ा होती है तो या किसी को ऊपरी हवा जैसी समस्या होती है तो बाबा उसका इलाज कर देते है और दवा के नाम पर देते है ये बाबा भभूति। बताया जा रहा है की बिना बीड़ी पिए ये किसी को देखते तक नहीं है इनके पास आने वाले श्रद्धालुओ से ही इलाज से पहले एक बीड़ी का बण्डल मंगवाते है फिर उसी बीड़ी को सुलगा कर उसका झाड़ पोछ करते है। ऐसे बाबा को तांत्रिक बाबा नहीं कहें तो और क्या कहें ? लेकिन बीड़ी वाले बाबा का तो इस बारे में कुछ और ही कहना है ,उनका कहना हैं की वह शारीरिक कष्ट का इलाज देसी चीजों द्वारा ठीक करते है। वह कोई तांत्रिक नहीं है केवल हनुमान भक्त है। लेकिन ये कैसे भक्त हुए जिन्होंने मंदिर के नाम पर दो मंजिला मंदिर बना रखा है नीचे आम जनता को बैठा झाड़ फूक किया जाता है और ऊपर वाले मंदिर में तंत्र मन्त्र जैसी क्रियाएं होती है। बताया जा रहा है की इससे पहले ये रामा विहार में ही कहीं मंदिर बना झाड़ फूक किया करते थे वहां की जनता ने इन्हे ये सब तंत्र विद्या बंद करने को कहा और जब इसने अपना ये सब काम नहीं बंद किया तब वहाँ की

 जनता ने मार मार कर इन्हे भगा दिया था। 
कुलदीप राणा का कहना कुछ हद तक सच लगता है बाकी सीबीआई की जांच से खुलासा होगा। वजह जो भी हो इस बीड़ी वाले बाबा की जांच की गयी तो इन 11 लोगो की मौत का रहस्य शायद खुल जाए। 

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