अंतिम संस्कार होने के 15 दिन बाद घर लौटी वृद्ध महिला, जाने क्या है पूरा मामला

नेहा राठौर

आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। कहते हैं कि मरने के बाद कोई भी व्यक्ति दोबारा जीवित नहीं लौटता, लेकिन यहां घटी घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल प्रदेश के जगय्यपेटा में 15 दिन पहले एक महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया था, लेकिन जब वही वृद्ध महिला बुधवार को अपने घर लौट कर आई तो सबके होश उड़ गए।

जानकारी के अनुसार मुत्याला गिरिजम्मा नामक एक वृद्ध महिला जो जगय्यपेटा की रहने वाली है वह करीब 20 दिन पहले बीमार पड़ गई थीं, जब उन में कोरोना के लक्षण नजर आने लगे तो घरवालों ने उन्हें विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इस मामले में महिला के दामाद का कहना है कि उनके ससुर ने उन्हें कॉल करके बताया था कि गिरिजम्मा की तबियत ठीक हो रही है और फिर दोबार करीब एक घंटा बाद कॉल आया कि उनकी तबियत बहुत बिगड़ गई है। उसके बाद करीब 12 बजे डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मौत हो गई है। इतना ही नहीं अस्पताल ने उनके ससुर को मुत्याला गिरिजम्मा के नाम पर एक डेथ सर्टिफिकेट भी बनाकर दिया। उसके बाद उन्होंने एंबुलेस में शव को ले जाकर अंतिम संस्कार भी करवा दिया।

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15 दिनों बाद घर लौटी महिला

अंतिम संस्कार के लगभग एक हफ्ते बाद यानी 23 मई को महिला के बेटे की कोरोना से मौत हो गई। वहीं करीब 15 दिन बाद बुधवार को गिरिजम्मा अपने घर के बाहर एक ऑटो से उतरीं। महिला को जिंदा देख सभी गांव वाले दंग रह गए और भागने लगे, कुछ लोग उन्हें भूत बता रहे थे तो कुछ चमत्कार। यहां तक की खुद गिरिजम्मा के घर वाले भी उन्हें अपने सामने देख दंग रह गए थे। इस पर गिरिजम्मा ने बताया कि वह अस्पताल से ठीक होकर लौटी हैं।

डॉक्टरों की लापरवाही आई सामने

गिरिजम्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने के कारण उन्हें 12 मई को विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में उनके पति ने उन्हें भर्ती कराया था। जिसके बाद उनके पति गांव वापस लौट गए थे। उसके बाद जब वह वापस अस्पताल गए तो उन्हें बेड खाली मिला। दरअसल उस वक्त गिरिजम्मा को दूसरे बेड पर शिफ्ट किया गया था। लेकिन जब गिरिजम्मा के पति ने डॉक्टरों से उनके बारे में पूछा तो डॉक्टरों ने उन्हें कहा कि उनकी मौत हो चुकी है। शव शवगृह से जाकर ले लो। जब वह शवगृह गए तो वहां एक वृद्ध महिला का शव रखा हुआ था जो हूबहू गिरिजम्मा जैसे दिख रहा था। वही शव उन्हें सौंप दिया गया जिसके बाद परिवार वालों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब डॉक्टरों की लापरवाही सामने आ रही है। इससे पहले भी कई बार डॉक्टरों ने ऐसी लापरवाही दिखाई है। कुछ महीने पहले ही एक वृद्ध कपल का नाम मृतकों की लिस्ट में डाल दिया गया था। जब रिश्तेदारों से उन्हें इस बात का पता चला तो उन्होंने एक वीडियो जारी कर यह सूचना दी कि वह बिल्कुल ठीक हैं।

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