ऐतिहासिक दस्तकारों के शहर रामपुर में हुनर हाट मेला कल से शुरू

नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे उद्घाटन

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रहेंगे मौजूद

रामपुर। नवाबों के लिए विख्यात शहर रामपुर में केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय द्वारा शिल्पकारों, दस्तकारों, हस्तकला शिल्पियों और गीत, संगीत के तमाम देसी हुनरबाजों के 10 दिवसीय मेेलेे हुनर हाट का आयोजन शुरू हो रहा है।


रामपुर के नुमाइश ग्राउंड पनवड़िया में 18 से 27 दिसंबर तक चलने वाले हुनर हाट की पूर्व संध्या पर आज केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हुनर हाट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल को काम, और हुनर को सम्मान का सशक्त अभियान है। हुनर हाट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने और देश के कोने कोने के हुनरमंदों को बड़े पैमाने पर रोजगार और रोजगार के अवसरों को जोड़ने का मजबूत अभियान साबित हुआ है।
नकवी ने कहा कि हुनर हाट का उद्घाटन कल 18 दिसंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं लघु, सूक्ष्म व मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में खादी एवं ग्रामोद्योग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना, उत्तरप्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह एवं उत्तरप्रदेश के जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख होंगे।


नकवी ने कहा कि हुनर हाट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फोर लोकल के आह्वान का साकार करने के साथ ही स्वदेशी मिशन को मजबूत करने में महत्वपूर्व भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश के अलग अलग भागों में आयोजित हुए हुनर हाट में रामपुर के दस्तकारों, शिल्पकारों को भी मौका मुहैया कराया गया था। आज खुद हुनर हाट रामपुर के दरवाजे पर है जहां देश भर के दस्तकार अपने नायाब स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ मौजूद हैं।

नकवी ने कहा कि रामपुर में आयोजित हो रहे हुनर हाट में देश के कोने कोने के स्वदेशी दुर्लभ उत्पाद और देश के हर हिस्से के लजीज पकवान उपलब्ध है। इसके अलावा देश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा हर रोज प्रस्तुत किए जाने वाले पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम यहां आने वाले लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण होंगे। इस हुनर हाट में अनेकता में एकता की संस्कृति का जीता जागता एहसास लोग कर सकेंगे।

नकवी ने कहा कि रामपुर के हुनर हाट में उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली,नागालैंड,मध्यप्रदेश, मणिपुर, बिहार,आंध्रप्रदेश, झारखंड, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख, कर्नाटक, गुजरात,हरियाणा,जम्मूकश्मीर,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,छत्तीसगढ, तमिलनाडु,केरल एवंअन्य क्षेत्रों से हुनर के उस्ताद कारीगर अपने साथ लकड़ी,ब्रास, बांस,शीशे, कपड़े, कागज,मिट्टी आदि के शानदार उत्पाद लेकर आए हैं।

नकवी ने कहा कि वुड, आयरन के उत्पाद लकड़ी एवं मिट्टी के खिलौने, हैंडलूम के उत्पाद, पारंपरिक जड़ी बूटियां, हर्बल उत्पाद, रामपुरी चाकू, रामपुरी वायलिन, खादी के उत्पाद, ब्लैक पौटरी, बांस बेंत के सामान, ड्राई फ्लावर,आयल पेंटिंग्स, बाघ प्रिंट आदि के शानदार जानदार उत्पाद रामपुर के हुनर हाट में उपलब्ध हैं।

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हुनर हाट में 18 और 19 दिसंबर को सुशील जी महाराज द्वारा श्रीराम राज्य पर आधारित मंत्रमुग्ध कर देने वाली रामलीला लोगों के आकर्षक का प्रमुख केंद्र होगी।


इसके अलावा जाने माने गीत, संगीत के क्षेत्र के नाम रेखा राज, प्रेम भाटिया,भूपेंद्र सिंह भूपी,स्मिता राव,असलम साबरी,शिबानी कश्यप,राजू श्रीवास्तव, एहसान कुरैशी,हमसर हयात​ निजामी जैसे प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।

27 दिसंबर को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जहां देश के प्रसिद्ध ​कवि, शायर डा. अनामिका अंबर,पोपुलर मेरठी, डा. सुनील जोगी, डा.सुरेश अवस्थी,निकहत अमरोहवी,शम्भू शिखर, मनवीर मधुर,डा. सरिता शर्मा, मंजर भोपाली, सुदीप भोला, गजेंद्र सोलंंकी अपनी रचनाओं के साथ लोगों को रूबरू होंगे।

नकवी ने कहा कि रामपुर का हुनर हाट ई प्लेटफार्म पर भी देश विदेश के लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा, जहां लोग सीधे दस्तकारों, शिल्पकारों,कारीगरों के स्वदेशी सामानों को देख एवं खरीद सकते हैं।


उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 5 सालों में 5 लाख से ज्यादा भारतीय दस्तकारों, शिल्पकारों को रोजगार और रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले हुनर हाट के दुर्लभ हस्तनिर्मित स्वदेशी सामान लोगों में काफी लोकप्रिय हुए हैं।

अगला हुनर हाट वोकल फोर लोकल, थीम के साथ शिल्पग्राम, लखनउ में 22 से 31 जनवरी, 2021 को आयोजित होगा। जिसका उद्घाटन उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। आने वाले दिनों में हुनर हाट का आयोजन जयपुर, चंडीगढ,इंदौर, मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, रांची, कोटा, सूरत, अहमदाबाद, कोच्चि आदि स्थानों पर होगा।

रामपुर एक ऐतिहासिक शहर है और यह शहर दस्तकारी इतिहास से जुड़ा हुआ है। रामपुर की बात करें तो रामपुर समृद्ध सांस्कृतिक विरासत समेटे हुए हैं।


1780 ईस्वी से 1,947 ईस्वी तक का कालखंड रामपुर के लिये अत्यन्त महत्वपूर्ण काल था। इस दौर में रामपुर सांस्कृतिक, धार्मिक, वास्तु, शिक्षा, रोजगार, आधुनिकीकरण से सुसज्जित हुआ। रामपुर को यहाँ के नवाबों ने सँवारा व बसाया। गायन से लेकर शिक्षा का केन्द्र रामपुर बना, शक्कर से लेकर कपड़ों आदि की मिलें यहां खुलीं। ज़री से लेकर धातु के काम का पदार्पण इसी काल में हुआ।
रामपुर में 10 दिन तक चलने वाला हुनर हाट देसी दस्तकारी कला, संगीत, संस्कृति की अनूठी छटा बिखरने वाला साबित होगा।

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