NCB ने अवैध दवाइयों की तस्करी में चार लोगों को किया गिरफ्तार

नेहा राठौर

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को अवैध दवाओं की खरीद फरोख्त के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। ब्यूरो की टीम ने 12 करोड़ की प्रतिबंधित दवाइयों को बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सारी दवाइयां अवैध तरीके से तस्करी कर विदेश भेजी जा रही थीं। हैरानी के बात तो ये है कि दवाओं की खरीद फरोख्त डार्कनेट के जरिये की जा रही थी।

बता दें कि इस मामले के चलते नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने उत्तर प्रदेश के आगरा, बलिया और दिल्ली में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन छापेमारे के दौरान टीम ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनकी पहचान के. अग्रवाल, के. गोयल, सोमदत्त और मनीष के रूप में की गई है। एनसीबी के अनुसार इस ऑपरेशन को पूरा करने में कम से कम 3 महीने का समय लगा।

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मामले में एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर के.पी.एस. मल्होत्रा ने बताया कि ये चारों आरोपी प्रतिबंधित दवाओं की अवैध तरीके से खरीद फरोख्त करके उनकी तस्करी करते थे। उन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप समेत कई देशों में भेजते थे। जब मामले में एनसीबी ने हरिद्वार की एक दवा कंपनी में छापेमारी की तो वहां उन्होंने 30 लाख से ज्यादा नशीली दवाइयां और 70 हजार खांसी के सिरप बरामद किए हैं। इन सबकी कीमत 12 करोड़ रुपये तक की बताई जा रही है। उन्होंने बताया की इन तीनों में से आगरा का कारोबारी के. आग्रवाल इस तरह की दवाएं खरीदता था। 

इन्हीं दवाइयों को आगरा का ही एक दवा विक्रेता के. गोयल उन दवाओं को बेचता था। उन्होंने बाताया कि ये दवाएं हरिद्वार की एक दवा कंपनी से अवैध तरीके से मंगाई जाती थी। और इन्हीं दवाओं को बलिया का मनीष और दिल्ली का सोमदत्त अपनी पहचान छिपाकर विदेश भेजते थे। इन दवाओं को हर्बल पैकिंग में छिपाकर भेजा जा रहा था और वो भी डार्कनेट के जरिये। वहीं से एनसीबी को उनके बारे में सुराग मिला। फिलहाल एनसीबी दवा कंपनी के मालिक की तलाश में जूटी है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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