Friday, April 19, 2024
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किसानों के लिये नायाब तोहफा किसान रेल : मोदी

संतोष सिंह

28 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाते हुये रवाना किया और कहा कि किसानों की सेवा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भंडारण की क्षमताओं का अभाव हमेशा से किसान के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। हमारी सरकार इन समस्याओं के निदान के लिए करोड़ों का निवेश तो कर ही रही है, साथ ही साथ  किसान रेल जैसी सुविधा भी दे रही है।

क्या है किसान ट्रेन का रुट

100वीं किसान रेल थोड़ी देर में पीएम मोदी द्वारा रवाना की जाएगी। यह महाराष्ट्र के सांगोला से पश्चिम बंगाल के शालिमार तक चलेगी। 2132 किमी की दूरी यह ट्रेन 40 घंटे से कम समय में तय करेगी। इस ट्रेन के द्वारा संगोला के अनार, नागपुर के संतरे तथा जेउर, बेलवंडी, कोपरगांव के खरबूजा पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर तक पहुंचेंगे। इस ट्रेन से फलों-सब्जियों जैसे ऐसे आइटम की ढुलाई की जाती है जो जल्दी खराब हो जाते हैं।

किसान ट्रेन की खासियत

100वीं किसान रेल में रेफ्रिजरेटेड कोच लगे होंगे। इसे रेलवे ने 17 टन की क्षमता के साथ नए डिजायन के रूप में निर्मित करवाया है। इसे रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में बनाया गया है। इस ट्रेन में कंटेनर फ्रीज की तरह होते हैं। मतलब यह एक चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज होता है, इसमें किसान खराब होने वाले सब्जी, फल, फिश, मीट, मिल्क आदि रख सकते हैं। इससे सब्जियों, फलों, मांस, मछली और दूध जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों को इनके पैदावार वाले इलाकों से उन इलाकों में पहुंचाया जाएगा जहां इनका अच्छा बाजार है।

नई संभावनाओं की तलाश

भारतीय किसान हमेशा नई संभावनाओं की तलाश में रहता हैं। किसान दूसरे राज्यों में भी अपनी फसलें बेच सकें उसमें किसान रेल और कृषि उड़ान की बहुत भूमिका है। मुझे यकीन है कि पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को उड़ान का लाभ मिलने लगा है। किसान रेल के किसान को कैसे फायदा हो रहा है। किसान रेल में सरकार 50 फीसदी छूट भी दे रही है, इसका भी किसानों को लाभ हो रहा है। 

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चलता -फिरता कोल्ड स्टोरेज 

किसान ट्रेन एक तरह से चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज भी है। इसमें फल, सब्जी, दूध, मछली और जल्दी खराब होने वाली बाकी चीजें पूरी सुरक्षा के साथ पहुंच रही हैं। पहले यही सामान किसान को सड़क मार्ग के माध्यम से ट्रकों से भेजना पड़ता था, जिसमें कई समस्याएं हैं। इसमें समय बहुत लगता है, किराया ज्यादा लगता है। गांव में उगाने वाला हो या शहर में खाने वाला, दोनों के लिए यह महंगा पड़ता है।

छोटे किसानों को फायदा

यह किसान रेल पश्चिम बंगाल के लाखों छोटे किसानों को बहुत फायदा पहुंचाएगी। इस रेल के माध्यम से उन्हें एक बहुत बड़ा विकल्प मिला है और ये विकल्प किसान के साथ ही स्थानीय छोटे-छोटे व्यापारी को भी मिला है। वो किसान से ज्यादा दाम में ज्यादा माल खरीदकर किसान रेल के जरिए दूसरे राज्यों में बेच सकते हैं। कृषि से जुड़े एक्सपर्ट्स और दुनिया भर के अनुभवों और नई टेक्नॉलॉजी का भारतीय कृषि में समावेश किया जा रहा है।

किसानों को बेहतर जीवन

गांवों में रोजगार पैदा करने के लिए, किसानों को बेहतर जीवन देने के नई सुविधाएं, नए समाधान देना बहुत जरूरी है। उपज का भंडारण हो या फसल का उत्पादन, सभी को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। किसानों को सुविधाएं देने के लिए रेलवे स्टेशनों के पास पेरिशेबल कारगो सेंटर बनाए जा रहे हैं। 

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आत्मनिर्भर अभियान पैकेज

कृषि संपदा योजना के तहत मेगा फूड पार्क्स, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, ऐसे करीब साढ़े छह हजार प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। आत्मनिर्भर अभियान पैकेज के तहत माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। कृषि से जुड़ी सभी सुधारों के पीछे किसानों की सहभागिता जरुरी है।

आमदनी बढ़ाने वाला कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि छोटे किसानों को कम खर्च में बड़े से बड़ा बाजार देने के लिए हमारी नीयत भी साफ है और हमने बजट में भी इसकी घोषणा कर दी है। किसान रेल सेवा देश के किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। इससे खेती से जुड़ी अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि इससे देश की कोल्ड सप्लाई चेन की ताकत भी बढ़ेगी।

हवा में बात नहीं, धरातल पर  काम

पीएम का स्पष्ट मानना है कि देश के किसानों की पहुंच को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाना है। कुछ ही दिनों में ऐसी रेल की मांग इतनी बढ़ गई कि सप्ताह में तीन दिन ये रेल चलानी पड़ती है। इतने कम समय में 24 किसान रेल चलाना आसान काम नहीं है बल्कि साफ संदेश है कि देश का किसान क्या चाहता है। ये काम किसानों की सेवा के लिए हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

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