Sunday, June 23, 2024
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100 साल बाद देश के रेडियो को मिला भारतीय नाम

नई दिल्ली। प्रसार भारती ने अपनी रेडियो सेवा के संदर्भ में ‘आल इंडिया रेडियो’ (एआइआर) नाम का इस्तेमाल नहीं करने और इसे ‘आकाशवाणी’ ही करने का फैसला किया है।
‘आकाशवाणी’ की महानिदेशक वसुधा गुप्ता की ओर से बुधवार को जारी एक आंतरिक आदेश में इस वैधानिक प्रावधान को तत्काल प्रभाव से लागू करने का अनुरोध किया गया है। इस प्रावधान के तहत एआइआर (आल इंडिया रेडियो) का नाम बदल कर ‘आकाशवाणी’ कर दिया गया था।
देश के रेडियो को अब अपना एक और पूरी तरह से भारतीय नाम मिल गया है- आकाशवाणी । देश में रेडियो प्रसारण की रीढ़ को अब तक हिंदी में ‘आकाशवाणी’ और अंग्रेज़ी में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ के दो अलग अलग नामों से जाना जाता था और प्रसारण में बकायदा दोनों ही नामों का समान रूप से उपयोग होता था। इससे कई बार भ्रम की स्थिति भी बन जाती थी कि ये दो संगठन हैं या एक ही…वैसे भी ऑल इंडिया रेडियो-AIR अंग्रेजों द्वारा दिया गया नाम था जबकि ‘आकाशवाणी’ मूल भारतीय अवधारणा और सोच पर आधारित है। करीब १०० साल के करीब पहुंच रहा सरकारी रेडियो कोई बच्चा तो है नहीं कि स्कूल का नाम अलग और घर का अलग हो,इसलिए सभी भाषाओं में ‘आकाशवाणी’ नाम वाकई सराहनीय है। गौरतलब है कि रेडियो के श्रोता बरसों से हिंदी समाचार बुलेटिन की शुरुआत में ‘यह आकाशवाणी है’ सुनते आए हैं, वहीं अंग्रेजी बुलेटिन की शुरुआत में आल इंडिया रेडियो का प्रयोग होता रहा है। अब हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में इसे ‘आकाशवाणी’ ही कहा जा रहा है।
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि यह सरकार का बहुत पुराना फैसला है जो पहले लागू नहीं किया गया था। प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, १९९० में उल्लेख किया गया है कि ‘आकाशवाणी’ का अर्थ कार्यालयों, स्टेशनों और अन्य प्रतिष्ठानों से है, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए। ‘आकाशवाणी’ की महानिदेशक वसुधा गुप्ता की पहल पर इस वैधानिक प्रावधान को ३ मई से लागू कर दिया गया है।
युवा श्रोताओं की जानकारी के लिए ‘आकाशवाणी’ का प्रसारण नेटवर्क दुनिया भर के चुनिंदा प्रसारकों में शामिल है। ‘बहुजन हिताय बहुजन सुखाय’ के आदर्श के साथ काम करने वाले इस संगठन के घरेलू प्रसारण सेवा के तहत देश भर में  ४७० प्रसारण केंद्र हैं। आकाशवाणी देश के लगभग ९२ फीसदी क्षेत्र और कुल आबादी के ९९.१९ प्रतिशत हिस्से को कवर करती हैं।  आकाशवाणी से २३ भाषाओं और १७९ बोलियों में कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं ।
वहीं,आकाशवाणी का समाचार सेवा प्रभाग, देश विदेश और डीटीएच सेवाओं के जरिए लगभग ९० भाषाओं/बोलियों में प्रतिदिन ६४७ बुलेटिन प्रसारित करता है। जिनकी अवधि रोज लगभग ५६ घंटे है। इसी तरह देश के अलग अलग राज्यों में स्थित ४४ क्षेत्रीय समाचार इकाइयां ७५ भाषाओं में ४६९ दैनिक समाचार बुलेटिन प्रसारित कर रही हैं।  दैनिक समाचार बुलेटिनों के अलावा, समाचार सेवा प्रभाग सामयिक विषयों पर भी विभिन्न कार्यक्रमों का नियमित प्रसारण करता है। आकाशवाणी की दुनिया के सौ देशों तक पहुंच है और अपने विदेश सेवा प्रभाग के अंतर्गत यह ११ भारतीय और १६ विदेशी भाषाओं में  प्रसारण करता है।
(सभी आंकड़े प्रसार भारती की आधिकारिक वेबसाइट से लिए गए हैं)
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