अवनि लेखरा बनी पैरालंपिक खेल में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला

नेहा राठौर

टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक गेम्स में भारत की बेटी अवनि लेखरा ने एक गोल्ड समेत दो मेडल देश के नाम कर लिए हैं। इससे बड़ी उत्साह की बात क्या हो सकती है कि देश की बेटी विदेश में भारत का नाम रोशन कर रही है।

अवनि लेखरा भारत की पहली ऐसी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक ही पैरालंपिक गेम्स में गोल्ड के साथ एक और मेडल हासिल किया है। लेखरा की उम्र सिर्फ 19 साल है। इससे पहले वह 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

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लेखरा ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच1 स्पर्धा को 1176 स्कोर से दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल में कदम रखा था। वहीं, फाइनल भी उनके लिए कुछ कम चुनौतीपूर्ण नहीं रहा, लेकिन लेखरा ने हिम्मत नहीं हारी और कुल 445.9 अंकों के साथ यूक्रेन की इरिना श्चेटनिक को हराकर पदक हासिल किया। वहीं, यूक्रेन की निशानेबाज एलिमिनेशन में खराब प्रदर्शन से पदक हासिल करने से चूक गयीं।

अवनि जयपुर की रहने वाली हैं। उनकी 2012 में एक कार दुर्घटना के दौरान रीढ़ की हड्डी में चोट लग गयी थी। इसके बावजूद उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में 249.6 के विश्व रिकार्ड की बनाकर पैरालंपिक का नया रिकॉर्ड बनाया था।

इससे पहले शूटिंग में जोगिंदर सिंह सोढ़ी खेलों में एक ही चरण में कई पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। उन्होंने 1984 के पैरालंपिक खेलों में एक रजत और दो कांस्य पदक जीते थे। उन्होंने गोला फेंक में रजत पदक, चक्का और भाला फेंक में कांस्य पदक हासिल किया था।

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