Friday, April 12, 2024
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Amritpal Singh News : केंद्र के साथ ही पंजाब सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती बना अमृतपाल सिंह

सी.एस. राजपूत

वाह रे देश की खुफिया एजेंसियां, वाह रे पंजाब की पुलिस, वाह रे गृह मंत्रालय की फौज। पंजाब से लेकर दिल्ली तक फोर्स लगा दी गई है पर वारिश पंजाब दे स्वयंभू मुखिया अमृतपाल सिंह को पकड़ा नहीं जा सका है। वह भी तब जब वह लगातार हरियाणा, दिल्ली पंजाब में घूमने का दावा कर रहा है। यह हाल तो तब है जब जहां आम आदमी पार्टी अपने शासनकाल की तारीफ करते हुए नहीं थकती है वहीं बीजेपी और उसके समर्थक नरेंद्र मोदी को देश का अब तक का सबसे बढ़िया प्रधानमंत्री बताते हैं। दिलचस्प बात तो यह है कि अमृतपाल दुबई से वीडियो जारी कर देश की व्यवस्था का मजाक बना रहा है। इस बार जारी वीडियो में तो उसने सरकार को खुली चुनौती दे दी है। इस बार उसने पब्लिक के बीच में नजर आने की बात कही है।

अमृतपाल ने अकाल तख्त जत्थेदार के लिए सरबत खालसा आयोजित करने को कहा है। वह इसी सरबत खालसा (सिखों की सभा) की जब्त कर रहा है। अमृतपाल किसी से न डरने की बात करते हुए देश से बाहर नहीं जाने की बात कर रहा है।  उसने संगत में उच्च मनोबल बनाए रखने की भी अपील है। अमृतपाल ने जत्थेदार अकाल तख्त ज्ञानी हरप्रीत सिंह को सरबत खालसा को कॉल करने का भी अनुरोध किया है। अमृतपाल जिस तरह से सिख कौम को उकसा रहा है यदि सिख समाज भिंडरवाला की  तरह अमृतपाल के पीछे हो लिया तो सरकारों के लिए बड़ी मुसीबत हो जाएगी। वैसे भी जिन गृह मंत्री अमित  शाह ने विपक्ष को डरा रखा है उन गृह मंत्री को भी अमृतपाल धमकी दे चुका है।
देखने की बात यह है कि पब्लिक के बीच में नजर आने की बात अमृतपाल ने उस समय की है जब उसकी शर्तों पर आत्मसमर्पण करने की बात पर सरकार न कोई ध्यान नहीं दिया है। यह सरकारों की विफलता है या फिर वोटबैंक की राजनीति कि उस अमृतपाल सिंह ने देश के तंत्रों को ठेंगा दिखा रखा है, जिसका नाम पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा बताया जा रहा है। अमृतपाल सिंह अपनी जारी दूसरी वीडियो में कहा है कि वह भगोड़ा नहीं, बल्कि बागी है। वह भागा नहीं है, जल्द दुनिया के सामने आएगा। उसने एक बार फिर सरकार के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा है कि वह हुकूमत से नहीं डरता है। जिसे जो करना हो वह कर सकता है। अमृतपाल ने धमकी भरे अंदाज में कहा है कि उसके साथ जो भी चाहे मारपीट करना चाहे कर सकता है, वह डरता नहीं हैं। नए वीडियो में अमृतपाल ने अपने परिवार से मजबूत रहने के लिए भी कहा है। उसने कहा है कि वह जिस रास्ते पर चल रहा है, वह कांटों से भरा है। उसने कहा है,’मैं जो वीडियो रिलीज कर रहा हूं। शायद लोगों को शक है कि मेरा वीडियो पुलिस की कस्टडी में बना है.’ अमृतपाल ने एक बार फिर युवाओं को भड़काने और उकसाने की कोशिश की है। वह वीडियो में कह रहा है कि उसे खुशी है कि वह कौम और अपने नौजवानों के लिए कुछ कर सका है।
दरअसल सरबत खालसा एक ऐसी सभा को कहते हैं, जिसमें कि कई सिख संगठन हिस्सा लेते हैं। इस दौरान पंथक संगठन आए हुए संकट का हल तलाशने के लिए चर्चा करते हैं। इसके बाद जो भी फैसला होता है तख्त साहिब के जत्थेदार कौम को उसका पालन करने के लिए आदेश देते हैं। इससे पहले भी अमृतपाल ने एक वीडियो जारी किया था। इसमें उसने भारत और विदेशों में सिख समुदाय के लोगों से अन्याय के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया था। उसने कहा था उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर एनएसए लगा दिया गया है। बताया गया था कि भगोड़े का वह वीडियो ब्रिटेन से जारी किया गया था। जिस यूट्यूब चैनल से ये वीडियो जारी हुआ था, उसे बाद में सरकार ने बैन कर दिया था।

पिछले वीडियो में भगोड़े अमृतपाल ने कहा था कि सिखों को एक बड़े मकसद के लिए एकजुट होना है। वीडियो में अमृतपाल सिंह ने 18 मार्च की घटना के बारे में बताया था। दरअसल पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ 18 मार्च को ऑपरेशन शुरू किया था। तब वह भागने में सफल रहा। इसके बाद अमृतपाल सिंह के हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होने की खबर मिली। इसके बाद वह यूपी और दिल्ली भी आया। मतलब अमृतपाल सिंह ने जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी को चुनौती दी वहीं दिल्ली पुलिस को वह ठेंगा दिखाता रहा।  सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड नंबर की गाड़ी से अमृतपाल सिंह अपने सहयोगी के साथ मंगलवार शाम को पंजाब के फगवाड़ा पहुंचा था।  सूत्रों ने बताया कि पुलिस अमृतपाल के आसपास है पर उसे पकड़ नहीं पा रही है। अमृतपाल के फरार हो जाने के बाद से पंजाब पुलिस हाई अलर्ट पर है।
अमृतपाल सिंह पर क्या है आरोप?

अमृतपाल सिंह और उसके सहयोगियों ने एक गिरफ्तार व्यक्ति की रिहाई की मांग को लेकर अमृतसर के निकट अजनाला थाने पर धावा बोल दिया था। इस घटना के करीब तीन सप्ताह बाद 18  मार्च को पुलिस ने उसके और उसके खालिस्तान समर्थक वारिश पंजाब दे संगठन के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। अमृतपाल और उसके सहयोगियों के खिलाफ वैमनस्य फैलाने, अवैध हथियार रखने, हत्या के प्रयास, पुलिसकर्मियों पर हमले और लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने से संबंधित कई आपराधिक आरोपों के तहत मामले दर्ज किये गये हैं।

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