वन रैंक वन पेंशन: पूर्व सैनिकों के समर्थन में केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे पूर्व सैनिकों के समर्थन में आज आगे आए। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस से पहले जंतर मंतर से धरना दे रहे पूर्व सैनिकों को हटाने की आलोचना की। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वह पूर्व सैनिकों की मांगों को स्वीकार करने का ऐलान करें। वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर पूर्व सैनिकों का एक संगठन पिछले दो महीने से धरना प्रदर्शन कर रहा है। दिल्ली पुलिस और एनडीएमसी अधिकारियों ने आज जंतर मंतर पर धरना दे रहे सभी लोगों को हटा दिया। इनमें पूर्व सैनिक भी शामिल हैं जो वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे हैं। पूर्व सैनिकों ने हालांकि हटने से इंकार कर दिया और आरोप लगाया कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस ने धक्का मुक्की की। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि पूर्व सैनिकों को जंतर मंतर से जबरन हटाया जा रहा है …कल तक उन्होंने हमारी रक्षा की और अब वे स्वतंत्रता दिवस के लिए सुरक्षा खतरा बन गये हैं। उन्होंने मोदी से आग्रह किया कि पूर्व सैनिकों की मांग को स्वीकार कर शनिवार को लाल किले की प्राचीर से इसका ऐलान कर दें। हटाये जाने का विरोध करने के कुछ ही घंटे बाद पूर्व सैनिकों ने ऐलान किया कि दिल्ली पुलिस ने पुष्टि कर दी है कि उन्हें हटाया नहीं जाएगा और वे जंतर मंतर पर अपना शांतिपूर्ण धरना जारी रख सकते हैं। वन रैंक वन पेंशन लागू होती है तो लगभग 22 लाख पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की छह लाख से अधिक विधवाओं को तत्काल फायदा मिलेगा।

 

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