Friday, April 12, 2024
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कौन है वेरा गेड्रोइट्स, जिस पर गूगल ने बनाया अपना नया डूडल

नेहा राठौर

गूगल हर बार कोई न कोई नया डूडल बनाता रहता है। इस बार सोमवार को गूगल ने रूस की पहली महिला सर्जन वेरा गेड्रोइट्स की याद में एक डूडल बनाया है। गूगल ने यह डूडल उनके 151वें जन्मदिन के अवसर पर बनाया है। बता दें कि वेरा गेड्रोइट्स पहली महिला सर्जन और पहली महिला प्रोफेसर थी। वह रूस के इम्पीरियल पैलेस में फिजिशियन के रूप में काम करने वाली पहली महिला थी।

पहले विश्व युद्ध में वेरा ने कैसे बचाई जवानों की जान

जब 1904 में रूस और जापान की जंग चल रही थी, तब उनकी नीतीयों के खिलाफ पेट की सर्जरी करने की पहल ने युद्ध के मैदान का चिकित्सा का तरीका पूरी तरह से बदल दिया था। उन्होंने युद्ध के दौरान कई जवानों की जान बचाई थी।

वेरा का जन्म 19 अप्रैल 1870 को कीव के लिखुआनियाई शाही वंश के एक परिवार में हुआ था। बड़े होकर उन्हें स्विट्जरलैंड से दवाइयों की जानकारी मिली। उसके बाद वह 1898 में ग्रेजुएट होकर वापस अपने देश लौट आईं थीं।

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गूगल ने क्यों बनाया वेरा का डूडल

आपको बता दें कि गूगल ने डूडल पर वेरा की तस्वीर के साथ एक फोटो और जोड़ी है, जो उनके काम की जानकारी देती है। वेरा ने रूस में हाईजीन, पोषण और स्वच्छता की निचले स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की थी, और साथ ही स्थिति को ठीक करने के लिए अपना सुझाव भी रखे थे।

पहले विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने रॉयल कोर्ड में फिजिशियन के रूप में काम किया था। उनके काम के चलते वह युद्ध की शुरुआत में ही लड़ाई के मैदान में पहुंच गई थी। कुछ समय बाद उन्हें वापस कीव भेज दिया गया था, जहां वह फिजिशयन और एकेडमिक के क्षेत्र में काम करने लगीं। उसके बाद उन्हें साल 1921 में बाल चिकित्सा सर्जरी पढ़ाने के लिए कवि मेडिकल इंस्टीट्यूट में नियुक्त किया गया। वहां वेरा सिर्फ दो साल तक प्रोफेसर बनी रहीं। उसके बाद उन्होंने प्रोफेसर के पद को छोड़ दिया।

अपनी जिंदगी में वेरा ना सिर्फ सर्जरी और मेडिकल प्रोफेसर रही, इसके अलावा उन्होंने कई मेडिकल रिसर्च पेपर भी लिखे। उसके बाद उन्हें 1930 में रिटायर हो गई, जिसके बाद वेरा ने अपना सारा ध्यान लिखने में लगाया। इस दौरान उन्होंने अपनी आत्मकथा के साथ-साथ और भी कई किताबें लिखी। उसके बाद साल 1932 में सिर्फ 52 साल की उम्र में उनका कैंसर से निधन हो गया।

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