आज की ताजा खबर

  स्थायी समिति में  विकास गोयल ने फिर उठाया ट्रांसफर-पोस्टिंग और यूनिपोल /विज्ञापन में फैले भ्र्ष्टाचार का मुद्दा 

–डिम्पल भारद्वाज 
दिल्ली।  दिल्ली नगर निगम में स्थाई समिति सदस्य और वज़ीर पुर से आम आदमी पार्टी के  निगम पार्षद विकास गोयल ने आज स्थाई समिति की बैठक में निगम के भवन विभाग में इंजीनियर्स की ट्रांसफर-पोस्टिंग में फैले भ्र्ष्टाचार का मुदा एक बार फिर जोर शोर से उठाया। विकास गोयल ने नार्थ दिल्ली निगम आयुक्त से मांग की है की वे उन सभी इंजीनियर्स को तुरंत भवन विभाग से हटाया जाए जिन पर विभागीय जांच चल रही है।  उन्होंने मांग की है की निगम में सभी ट्रांसफर -पोस्टिंग पॉलिसी के नियम अनुसार ही नियुक्त किये जायें।  श्री गोयल के  जबाब में आयुक्त श्री मधुप व्यास ने 31  जुलाई 2018 तक कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है। 
श्री विकास गोयल ने आरपी सैल के अंतर्गत लगाए जाने वाले यूनिपोल के विषय में भी बोलते हुए कहा की दिल्ली में कुल 15 क्लस्टर में से सिर्फ 7 क्लस्टर का ही ऑक्शन हुआ है।  बाकी बच्चे 8 क्लस्टर में गैर कानूनी रूप से यूनिपोल लगाये जा रहे है।  जिसमें विज्ञापन विभाग के अधिकारी मिलीभक्त से प्रतिमाह लाखों रुपये का वारे-न्यारे कर रहे है। जिस पैसा नगर निगम की आय में जाना चाहिए वह अधिकारीयों की निजी आय का जरिया बना हुआ है।  विकास गोयल ने आयुक्त महोदय को  कहा की वे उत्तरी नगर निगम का दौरा करें तो उन्हें सैकड़ों की संख्या में अवैध यूनिपोल दिखा सकतें है। श्री गोयल ने ऐसे अधिकारीयों और अवैध यूनिपोल के खिलाफ सख्त कारवाही की मांग की। 
विकास गोयल ने कहा की बीजेपी नेताओं का नगर निगम अधिकारीयों पर नियंत्रण नहीं है। यही वजह है की दिल्ली में न केवल विकास कार्य बाधित हो रहे है बल्कि भ्र्ष्टाचार भी दिन-दोगुना रात -चौगुना बढ़ रहा है।  
गौरतलब है की विकास गोयल पिछले काफी समय से  लगातार नार्थ एमसीडी के बिल्डिंग  विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर कई सालों से चल रही धांधलियों पर नगर निगम का ध्यान आकृष्ट किया है। विकास गोयल ने कहा की दिल्ली नगर निगम में अवैध निर्माण की वजह भी यही है।  कई सालों से नगर निगम में बैठे अधिकारीयों की ट्रांसफर आसानी से नहीं होती यदि होती भी है तो जोन और वार्ड ही बदलता है विभाग नहीं।  लेकिन मौजूदा बीजेपी नेता भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे है। 

यह भी देखें

योगी जी को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं- संजय सिंह

जब मुख्यमंत्री से अपील के बाद भी किसी को सुरक्षा नहीं मिल सकती, तो वह …