Friday, April 12, 2024
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UP Budget 2023 : हिंदू तीर्थ स्थलों पर योगी सरकार पूरी तरह से मेहरबान 

Budget में योगी सरकार ने हिंदू धार्मिक स्थलों का खास रखा है

ख्याल, विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़ी धनराशि की गई है

प्रस्तावित

दिल्ली दर्पण टीवी ब्यूरो 
Uttar Pradesh Budget 2023: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Govt Budget) ने बुधवार को विधानसभा में बजट पेश किया। योगी सरकार के बजट हिंदू तीर्थ स्थलों का खास तौर पर बजट में ध्यान रखा गया। बुधवार को पेश किए गए गए बजट में महाकुंभ की तैयारी के लिए 2500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जबकि पिछले साल यह धनराशि 621.55 करोड़ रुपये थी।

इसके अलावा यूपी सरकार की तरफ से जानकारी दी गई कि साल 2022 में 24 करोड़ 87 लाख पर्यटकों ने यूपी की यात्रा की। इनमें से 4 लाख 10 हजार से ज्यादा विदेशी थे। वित्त मंत्री ने बताया कि राम नगरी अयोध्या तक पहुंचाने वाले तीन मार्गों को चौड़ा करने और उनके सौंदर्यीकरण का काम अगले दो सालों में पूरा हो जाएगा।

यूपी में धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरीय निकायों में मूलभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास के लिए अनुदान के रूप में 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। धार्मिक महत्व वाली सड़कों के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। आइए आपको बताते हैं यूपी बजट में हिंदू तीर्थ स्थलों पर योगी सरकार ने कहां-कहां खर्च किया।

मिर्जापुर जिले में मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर (Maa Vindhyavasini Devi Temple), मां अष्टभुजी देवी मंदिर (Maa Ashtabhuji Devi Temple) और काली खोह मंदिर (Kali Khoh Temple) के रिनोवेशन और सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
प्रयागराज जिले में ‘भजन संध्या स्थल’ तथा सीतापुर की प्रसिद्ध ‘तपोस्थली’ (हॉट स्पॉट) नैमिषारण्य में वेद विज्ञान अध्ययन केन्द्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, विंध्याचल, प्रयागराज, नैमिषारण्य, गोरखपुर, मथुरा, बटेश्वर धाम सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम टूरिज्म प्रमोशन स्कीम के तहत 300 करोड़ रुपये की लागत से विकास, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
शक्तिपीठ मां शाकुंभरी देवी मंदिर के इंटीग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये और प्रयागराज के एकीकृत विकास (integrated development ) के लिए 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
यूपी ईको टूरिज्म, लखनऊ बोर्ड की स्थापना के लिए 2.50 करोड़ रुपये तथा श्री नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद के लिए 2.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बौद्ध सर्किट के इंटीग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट के लिए 40 करोड़ रुपये और बुंदेलखंड के लिए 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही शुक्रतीर्थ धाम के इंटीग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

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