’द रोलिंग प्लेट’ ने जरूरतमंद बच्चों के बीच मनाया आज़ादी का जश्न , पंछियों को पिंजरे से किया आज़ाद

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इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए देश की आज़ादी की 75वीं वर्षगाँठ को देश के पहले ऑनलाइन रेस्टॉरेंट फ्रैंचाइज़ी कंपनी ‘द रोलिंग प्लेट’ ने स्लम बस्ती में रहने वाले बच्चों के बीच मनाया। इतना ही नहीं इस मौके पर इन्हीं बच्चों के हाथों 75 पंछियों को पिंजरे से आजाद भी किया गया।

दरअसल यह ‘द रोलिंग प्लेट’ की भी दूसरी वर्षगाँठ थी और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के दो युवाओं द्वारा शुरू किया गया यह स्टार्टअप इसे मनाविय अंदाज़ में मनना चाहता था। इसके लिए कंपनी ने सुभाषिका बाल विकास केंद्र शाहबाद डेरी से संपर्क किया और अभावग्रस्त बच्चों के बीच एक दिन का कार्यक्रम तय हो गया।

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कार्यक्रम में पेंटिंग कम्पटीशन, सिंगिंग, डांसिंग और कई अन्य कई तरह की फन एक्टिविटीज़ रखी गई थी, जो इन बच्चों के बीच एक खुशनुमा माहौल बना गई। दोपहर को शुरू हुआ कार्यक्रम शाम तक चला जिसमें ‘द रोलिंग प्लेट’ की पूरी टीम मौजूद रही। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर 75 पिंजरे में कैद पंछियों को इन बच्चों के हाथों मुक्त कराना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा जिसकी पूरे राजधानी क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जहान खुराना ने बताया कि उनके बिज़नेस का उद्देश्य ही देश के हर वर्ग को आज़ादी से व्यवसाय करने का अवसर देना है। ‘द रोलिंग प्लेट’ को लॉन्च भी स्वतंत्रता दिवस के ही मौके पर किया गया था। ये कंपनी क्लाउड किचन के साथ ऑनलाइन रेस्टॉरेंट ब्रांड्स ऑफर करती है जिसमें कम लागत के साथ आप कहीं भी बैठे अपना ऑनलाइन रेस्टॉरेंट चला सकते हैं। जहान खुराना ने बताया कि इस मॉडल में फिजिकल रेस्टॉरेंट चलाने या शुरू करने के भारी भरकम खर्चे से हम लोगों को आज़ादी दिलाते हैं। आज समय ऑनलाइन का है और कोरोना महामारी ने चीजें काफी बदल दी हैं। रेस्टॉरेंट बिज़नेस पर भी इसका व्यापक असर पड़ा और लोग बाहर जा कर रेस्टॉरेंट्स में खाने की तुलना में ऑनलाइन ऑर्डरिंग को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। बस यहीं से बिज़नेस की शुरुआत होती है और मात्र 3 लाख में से कोई भी व्यक्ति कहीं भी अपना रेस्टॉरेंट्स ब्रांड चुन सकता है और चला सकता है। किचन, स्टाफ़, डिलीवरी, क्वालिटी जैसी तमाम चीजों का ख्याल कंपनी रखती है। मतलब तमाम झंझटों से आज़ादी!

‘द रोलिंग प्लेट’ के डायरेक्टर दिव्य कोहली बताते हैं कि स्वतंत्रता सबके लिये जरूरी है चाहे वह व्यवसाय में हो या फिर मुफलिसी में रह रहे इन बच्चों के लिये। कंपनी ने इन बच्चों के बीच यह उत्सव मनाने का निर्णय इसलिये लिया कि ये भी आज़ादी के मायने समझ सकें और समाज में भी एक अच्छा संदेश जाए। इन बच्चों से जुड़ाव आगे भी रहेगा और जैसे जैसे हमारा स्टार्टअप बढ़ेगा, कंपनी ऐसे बच्चों की शिक्षा, भोजन और अन्य जरूरतों के लिये समय समय पर कुछ काम करती रहेगी।

दिव्य कोहली बताते हैं कि आज ‘द रोलिंग प्लेट’ देश की राजधानी में 15 से ज्यादा ऑनलाइन रेस्टॉरेंट ब्रांड्स लॉन्च कर चुका है जो दिल्ली के अलग अलग इलाकों से चल भी रहे हैं। स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डरिंग ऍप्स पर इनके रेस्टॉरेंट्स से ज़ायकेदार खाना ऑर्डर किया जा सकता है और नया रेस्टॉरेंट शुरू करने के इक्छुक लोग संपर्क भी कर सकते हैं। रेवेन्यू का एक निश्चित प्रतिशत हिस्सा कंपनी गरीब बच्चों के बीच खर्च करेगी। मतलब आप इस रेस्टॉरेंट ब्रांड में इन्वेस्ट कर या फिर इनके ऑनलाइन रेस्टॉरेंट्स से ऑर्डर करते हैं तो आप किसी नेक कार्य को भी सपोर्ट करते हैं

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