सिख दंगों से जुड़ी एस.आई.टी. के गठन की फाइल गायब होना अत्यंत संवेदनषील मुद्दे के प्रति सरकार की लापरवाही का नमूना -विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने आज कहा कि सिख दंगों से जुड़ी फाइल गायब होना सरकार का एक अत्यंत संवेदनषील मामले के प्रति लापरवाही का नमूना है । उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार की लापरवाही के चलते दंगा पीड़ितों को न्याय मिलना मुष्किल प्रतीत होता है । उन्होंने इस बात पर आष्चर्य व्यक्त किया कि 1984 के दंगों की जॉंच के लिये गठित जिस स्पेषल इन्वेस्टिगेषन टीम (एस.आई.टी.) की मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल कुछ समय पहले तक षेखी बघार रहे थे और दंगा पीड़ितों को पॉंच लाख रूपये का मुआवजा देने की बात कहकर अपनी छवि चमका रहे थे, उसकी फाइल पिछले 10 महीने से गायब है । वास्तव में उन्हें दंगा पीड़ितों की कोई चिंता नहीं है । वह तो उनके नाम पर मात्र राजनीतिक रोटियॉं सेंकते रहे हैं ।
विपक्ष के नेता ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केजरीवाल सरकार फाइलें खोने में अत्यधिक कुषल हैं तभी तो पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती षीला दीक्षित के विरूद्ध जॉंच वाली 200 पन्नों की फाइल आज तक गायब है । मुख्यमंत्री जो श्रीमती दीक्षित के विरूद्ध बड़े-बड़े आरोप लगाते थे और जॉंच की मांग करते थे, उनकी आवाज भी फाइल की तरह ही गायब हो गई ।
दिल्ली सरकार के गृह पुलिस विभाग द्वारा जारी उपरोक्त सर्कुलर यह सिद्ध करता है कि सरकार द्वारा पूरी छानबीन के बाद भी एस.आई.टी के गठन की फाइल का कुछ पता नहीं चला । यह फाइल अंतिम बार तत्कालीन गृह मंत्री श्री जितेन्द्र कुमार तोमर के कार्यालय में अग्रिम आदेष के लिये गई थी । परंतु उसके बाद उस फाइल का आज तक कुछ पता नहीं चला ।
श्री गुप्ता ने कहा कि पंजाब में आगामी चुनावों को लेकर दिल्ली सरकार फाइल खोने पर सकते में है । इसको ले कर अब अजीबोगरीब स्थिति बन गई है । उप मुख्यमंत्री श्री सिसोदिया ने फाइल के खोने पर अनभिज्ञता प्रकट करी है । गृहमंत्री ने इसे अफवाह बताया है । जबकि उनके विभाग के उप सचिव सर्कुलर जारी कर “लुक आउट नोटिस “ जारी कर चुके हैं । आम आदमी पार्टी ने कहा है कि फाइल सरकार के पास ही है ।
विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार अधिकारिक तौर पर स्थिति स्पश्ट करे ताकि दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने में कोई अड़चन न आये ।

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