स्कूल के में फर्ज़ीवाड़े अब प्रिंस ने भी किया सरेंडर, कई और स्कूलों पर गिर सकती है गाज

पत्रिका संवाददाता, नई दिल्ली। स्कूल ऐडमिशन फर्ज़ीवाड़े केस में आरोपी पुनीता के बाद आज पुनीता के पति गुरदीप उर्फ़ प्रिंस ने भी  रोहिणी कोर्ट में सरेंडर कर दिया. प्रिंस ने कहा कि इस रैकेट में शामिल असली नाम और बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और उसे धमकी दी जा रही  है की उनका नाम लिया तो उसे जान से मार देंगे. प्रिंस के कोर्ट जाने से पहले बताया की दिल्ली में बहुत बड़े पैमाने पर यह रैकेट  चल रहा है। प्रिंस के वकील ने भी पुलिस की मंशा पर  सवाल उठाते हुए कोर्ट में कहा की इसकी शिकायत 13 मार्च  2014 को हो गयी थी लेकिन FIR 9 महीने बाद दर्ज़ की गयी। प्रिंस के कहा की स्कूल रेकॉर्ड से छेड़छाड़ कर केवल छोटी मछली को फसाया जा रहा है। कोर्ट ने प्रिंस को एक दिन  की पुलिस रिमांड  पर भेज दिया। bइस फर्ज़ीवाड़े में बड़े बड़े नेताओं लेकर  स्कूल के चैयरमेन और शिक्षा विभाग  के अधिकारी मुख्य करता धर्ता है। ये लाखों रुपये लेकर करोड़पतियों के  बच्चों को ऐडमिशन देते और अब उन्हें  EWS कैटेगिरी से सामान्य कैटेगिरी में  डाला जा रहा है। इन सब लोगों को बचाया जा रहा है और उन्हें फसाया जा रहा है। स्कूल वालों ने अपने दलाल छोड़ रखे थे। प्रिंस उर्फ़ गुरदीप ने कहा की नार्थ दिल्ली  में लगभग सभी स्कूलों के रेट तय होते है 3 से 10 लाख रुपये लिए जाते है और अब उन्हें EWS से सामान्य कैटेगिरी में डाला जा रहा है कम्पूटरर से रिकॉर्ड गायब किये जा रहे है। पुनित ने कहा कि  हमें फसाया जा रहा है और हमारी जान का भी खतरा है इस  में बड़े बड़े अधिकारी, स्कूल  के चैयरमेन शामिल है।
प्रिंस के वकील ने भी कोर्ट में पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा की EWS के लिए आरक्षित सीटों पर फर्ज़ीवाड़ा हो रहा है यह शिकायत 13 मार्च 2014 को दर्ज़ हो गयी थी लेकिन पुलिस ने केवल दस्तवेज की जांच में 9 महीने लगा दिया वकील ने कहा की fir में एक दिन के देरी को भी गंभीरता से लिया जाता है पुलिस इन्हे किंगपिन बनाकर लोगों को बचा रही है पुलिस ने 3 दिन का रिमांड माँगा था लेकिन वकील  दलीलें सुनकर केवल 1 दिन का  पुलिस रिमांड दिया।
हमारे संवादददाता से बात चीत के दौरान प्रिन्स के वकील प्रशांत मनचन्दा ने कहा कि प्रिंस के दावा किया की नार्थ  दिल्ली में शायद ही  कोई स्कूल होगा जहाँ यह फर्जीवाड़ा न चलता हो। इन दलीलों और प्रिंस के आत्मसमर्पण के बाद जो आरोप लगाएं गए है उससे साफ़ पता चलता है कि दिल्ली में बहुत बड़े पैमाने पर  रैकेट चल रहा था। इस रैकेट में छोटी छोटी मछलियाँ तो हाथ आ चुकें है अब देखना बाकी है कि क्या जांच और करवाई के दायरें में स्कूल मालिक और शिक्षा विभाग व नेता कहाँ तक आतें है ।

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