महाराष्ट्र चुनाव: रात तक साफ होगी गठबंधनों की तस्वीर

महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तथा विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-शिवसेना के बीच कायम गतिरोध पर विराम लगने के आसार दिख रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक, दोनों ही गठबंधनों के घटक दलों ने अपने रुख पर नरमी दिखाई है। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक, 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 15 अक्टूबर को होने वाले चुनाव हेतु सीटों के बंटवारे पर कायम गतिरोध लगभग सुलझ गया है। मंगलवार देर शाम तक सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

मंगलवार सुबह दोनों ही गठबंधनों के घटक दलों के बीच बैठक हुई, जिसके बाद उन्होंने गठबंधन जारी रखने के संकल्प लिए। कांग्रेस और राकांपा के नेताओं के बीच मंगलवार को बैठक हुई, जिसमें दोनों दलों ने दोहराया कि वे गठबंधन बरकरार रखने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेताओं से विमर्श के बाद देर शाम तक सीटों के बंटवारे के मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।

इसी तरह, भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच मंगलवार सुबह हुई बैठक के बाद घोषणा की गई कि वे गठबंधन को बरकरार रखने के इच्छुक हैं और देर शाम तक सीटों के बंटवारे की घोषणा की जाएगी। वहीं, कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने इस बात को स्वीकार किया कि सीटों के बंटवारे से जुड़े मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और इसकी औपचारिक घोषणा के लिए वे पितृपक्ष के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।

शाम को गठबंधन के सभी घटक दलों द्वारा सीटों की घोषणा के बाद अगले दिन से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसमें केवल चार दिन ही शेष बचे हैं। इसके साथ ही चुनावी अभियान भी शुरू हो जाएगा, क्योंकि सीटों के बंटवारे के मुद्दे को लेकर चुनावी अभियान के शुरू होने में विलंब हो रहा था। जिन सीटों पर कोई संशय नहीं है, वहां बुधवार सुबह से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी।

एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन किया था ताकि 25 साल पुराने गठबंधन को टूटने से बचाया जा सके। शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत, विधानसभा में पार्टी के नेता सुभाष देसाई और राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठक के लिए दादर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। यह कदम रविवार को उद्धव द्वारा भाजपा को 119 सीटों की आखिरी पेशकश करने के बाद पार्टी के रुख में वस्तुत: नरमी लाते हुए उठाया गया।

महाराष्ट्र चुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी ओ पी माथुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फड़नवीस, विधानसभा में विपक्ष के नेता एकनाथ खड़से और विधानपरिषद में विपक्ष के नेता विनोद तावड़े उन लोगों में थे जो भाजपा की तरफ से वार्ता में शामिल हुए।

बैठक के बाद राउत ने कहा कि दोनों पार्टियों ने आज सहमति जताई कि गठबंधन बना रहना चाहिए। दोनों पार्टियां इस बात को लेकर दृढ़ हैं कि पुराना गठबंधन जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक नया प्रस्ताव आज आया और इसपर हमारे गठबंधन के अन्य भागीदारों के साथ आज दिन के उत्तरार्ध में चर्चा की जाएगी।

तावड़े ने कहा कि दोनों में से कोई भी पार्टी नहीं चाहती थी कि गठबंधन टूटे। उन्होंने कहा कि यह शिवसेना और भाजपा की इच्छा है कि गठबंधन जारी रहे। दोनों में से किसी भी पार्टी का कोई भी नेता नहीं चाहता कि 25 साल पुराना गठबंधन टूटे। तावड़े ने कहा कि सीटों की साझीदारी से संबंधित एक नए फार्मूले पर चर्चा की गई लेकिन उन्होंने उसके विवरण का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला आज शाम हमारे महायुति के सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा।

यद्यपि दोनों में से किसी भी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया लेकिन ऐसी चर्चा है कि शिवसेना भाजपा के 130 सीटों के प्रस्ताव पर सहमत है लेकिन वह नहीं चाहती है कि उद्धव द्वारा प्रस्तावित 151 सीटों के उसके कोटे में कोई कटौती की जाए। अगर अंतिम रूप से सहमति बन जाती है तो महायुति के छोटे सहयोगी दलों के लिए चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ सात सीटें बचेंगी और दोनों बड़े भागीदारों को छोटे दलों को इसे स्वीकार करने की बात समझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। महायुति के अन्य सहयोगी दल हैं आरपीआई (अठावले), राष्ट्रीय समाज पक्ष, स्वाभिमानी शेतकारी पक्ष और शिव संग्राम।

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