दिल्ली के अपोलो अस्पताल में लापरवाही से गयी मरीज कि जान

-पीयूष खुल्लर

दिल्ली के अपोलो अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया हैं। बताया जा रहा हैं कि मरीज को समय पर उपचार ना मिलने के कारण उसकी मौत हो गयी। परिजनों का आरोप है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग का बताने पर उन्हें अस्पताल ने बिस्तर खाली न होने की बात कह दी थी। मरीज चार घंटे तक एंबुलेंस में तड़पती रही, और फिर उसकी मौत हो गयी। ओखला के जामिया नगर स्थित शाहीन बाग निवासी तारीख ने बताया कि उसकी पत्नी 26 वर्षीय नसीमा कुछ दिन से बीमार थी। तारीख के मुताबिक, मंगलवार शाम वह नसीमा को लेकर अपोलो अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए तत्काल एक लाख रुपये जमा कराने को कहा। तारीख का आरोप हैं कि उन्होंने अस्पताल में खुद को ईडब्ल्यूएस वर्ग  का बताया तो बिस्तर खाली न होने की बात कह दी गई। इस बीच, एंबुलेंस में करीब चार घंटे तक नसीमा तड़पती रही। बताया जा रहा हैं जब परिवार वालो ने पुलिस को बताया तब ही नसीमा को अस्पताल में दाखिला मिल पाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। नसीमा को बचाने की कोशिशें बेकार गईं और उसकी मौत हो गई। अपोलो अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जब नसीमा को अस्पताल लाया गया था तब उसकी हालत काफी नाजुक थी। परिजनों को इसके बारे में बता दिया गया था। ओखला क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। हालांकि अब तक उनके पास लिखित शिकायत नहीं है। वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे।

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