दिल्ली में पकडे गए , शातिर ठग

नार्थ वेस्ट जिला पुलिस ऑपरेशन सेल ने एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। यह शख्स एक कॉल सेंटर चलता था जिसमें देश के अलग – अलग राज्यों में अख़बारों में विज्ञापन देकर मोबाइल टावर लगाने का झांसा देकर ठगी किया करता था। इसके साथ इसकी एक महिला सहयोगी भी थी जो इस काम में उसकी सहायता करती थी। इन दोनों के पास फ़र्ज़ी आईडी पर लिये गए सिम और नकली नाम के कई बैंक खाते भी बरामद हुए है। ये अब तक 60 से ज्यादा लोगों को ठग चुके हैं और उनको लाखों रूपये का चुना लगा चुके हैं। 

 

ये ठग देश के सभी राज्यों के अख़बारों में मोबाइल टावर लगवाने वाले विज्ञापन दे कर लोगों को प्रतिमाह मोटी कमाई का झांसा देते थे लोग विज्ञापन पढ़कर इन ठगों से संपर्क साधते व बाद में कुछ लड़के उनके पास जाते तथा फ़र्ज़ी एग्रीमेंट और चेक पर हस्ताक्षर करा कर उन्हें अपने जाल में इस तरह फंसाते थे की वह आँखे मूंदकर उनपर भरोसा कर लेते थे। इस तरह से ये ठग उनसे हज़ारों रूपये अपने फ़र्ज़ी बैंक अकाउंट में जमा करवा कर उस सिम को बंद कर देते थे जिनसे उन्होंने अपने ग्राहकों से संपर्क साधा था।

 
इस गिरोह की असलियत कोई पहली बार सामने नहीं आई है एक बार पहले भी इस मामले में नरेला पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।
इनके निशाने पर उत्तर भारत के दूरदराज के राज्यों के भोले भाले लोग ज्यादा होते हैं ताकि वह उन्हें आसानी से लूट कर रफूचक्कर हो जाएँ और कोई उन्हें पकड़ न सके। इस स्थिति में दिल्ली पुलिस की यही सलाह है की लोग अखबारों में दिए गए ऐसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं और सतर्क रहें तभी ऐसी ठगी से लोगों को राहत मिलेगी। नार्थ वेस्ट जिला पुलिस ने अब इनके बैंक खतों को जब्त कर लिया है और इनके मोबाइल व लेपटोप से इसकी भी जांच कर रही है की अब तक इस गैंग की जडें कितनी गहरी है .

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