Sunday, July 21, 2024
Homeअपनी पत्रिका संग्रहदिल्ली के सीएम केजरीवाल और तेजस्वी यादव की मुलाकात के मायने

दिल्ली के सीएम केजरीवाल और तेजस्वी यादव की मुलाकात के मायने

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात क्या की चर्चाओं का बाजार फिर से गर्माने लगा। इसकी एक तस्वीर तेजस्वी के ट्विटर अकाउंट से साझा की गई है और देश के प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा है। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या केजरीवाल और तेजस्वी आगामी 2024 का चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे।

अरविंद केजरीवाल और तेजस्वी यादव एक बार फिर से एकसाथ नजर आए हैं। दरअसल 14 फरवरी को तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर केजरीवाल से मुलाकात की तस्वीरें साझा की है। ट्वीट में तेजस्वी ने मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के भी कुछ अंश साझा किए हैं। लिखा कि अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के दौरान वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी को मिलकर उनसे देश को बचाना है।

तेजस्वी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला किया और लिखा कि केंद्र बीजेपी सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों, संसाधनों, राष्ट्रीय संपत्ति और देश को पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रख दिया है। हम सभी को मिलकर देश बचाना है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात कई मायने में खास माना जा रहा है। इससे पहले खुद अरविंद केजरीवाल नीतीश कुमार को झटका दे चुके हैं। जब उन्होने विपक्षी एकता को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होने खुले मंच से कहा था कि यह काम नहीं करने वाला है। लोग विपक्षी एकता नहीं, उम्मीद चाहते हैं। विपक्षी एकता का क्या मतलब है, सारे विपक्षी मिलकर आओ बीजेपी को हराते हैं। केजरीवाल ने कहा था कि बीजेपी को हराने का ठेका आपने कैसे ले लिया। हम तो जनतंत्र में रहते हैं। यह काम जनता पर छोड़ देना चाहिए। बीजेपी को हराना होगा तो देश की जनता हरा देगी।

फिलहाल तेजस्वी इसी राह पर चल रहे है जिसपर बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार चल रहे थे। तेजस्वी भी केंद्र के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को एकजुट होने का संदेश दे रहे। पहले से ही नीतीश कुमार इस कार्य को कर रहे थे। बीते साल ही उन्होंने भी केजरीवाल समेत कई पार्टियों के नेताओं से मुलाकात की थी। इसे लेकर बिहार के सियासी गलियारों में भी शोर था कि नीतीश कुमार आगामी चुनाव में विपक्ष की ओर से पीएम फेस हो सकते हैं। हालांकि इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि उनकी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। बिहार की राजनीति में ये भी कहा गया कि पीएम बनने के लिए ही नीतीश ने आरजेडी का दामन फिर से थामा है। इसी लिहाज से दिल्ली के मुख्यमंत्री से तेजस्वी के मुलाकात के कई मायने हो सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो पहले से ही विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयास में है। आरजेडी भी इसमें उनके साथ है। लोकसभा चुनाव को लेकर आरजेडी की ओर से भी मंथन किया जा रहा। अब तो लालू प्रसाद भी सिंगापुर से वापस लौट चुके हैं और वह पार्टी को लक्ष्य साधने का मंत्र देंगे।

बता दें लोकसभा चुनाव 2023 को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट होने की कवायद में जुटी है। जहां बिहार महागठबंधन ने नीतीश कुमार को पीएम कैंडिडेट चुना है, तो वहीं अभी राष्ट्रीय स्तर पर पीएम कैंडिडेट को लेकर पूरा विपक्ष कंन्फ्यूजन में है। हालांकि पूरा विपक्ष बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की बात कर रहा है। लेकिन अभी विपक्ष ही अधूरा है। अब तेजस्वी की केजरीवाल से मुलाकात को लेकर कहा जा रहा है कि वह नीतीश के लिए उन्हें मनाने की कोशिश में जुटे हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments