योगी जी को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं- संजय सिंह

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जब मुख्यमंत्री से अपील के बाद भी किसी को सुरक्षा नहीं मिल सकती, तो वह अपनी जान बचाने के लिए किससे गुहार लगाए? योगी जी को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं- संजय सिंह

  • महोबा में व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी से डीएम व एसपी हर महीने पांच लाख की रंगदारी वसूलते थे, जब व्यापारी ने रंगदारी देने में असमर्थता जताई, तो उसकी हत्या करा दी गई- संजय सिंह
  • व्यापारी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी, लेकिन योगी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, एसपी और डीएम की गिरफ्तारी की जाए और परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई से जांच कराई जाए- संजय सिंह
  • चीन हमारा दुश्मन बना हुआ है, हमारे जवानों को शहीद कर रहा है, लेकिन दलाली खाने के लिए योगी जी ने 1.45 लाख का एनालाइजर चीनी कंपनी से 3.30 लाख में खरीदा- संजय सिंह
  • उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज की बढ़ रहीं हत्याएं, कोरोना संकट काल में यूपी के 65 जिलों में आक्सीमीटर और थर्मामीटर खरीद घोटाला समेत अन्य मामलों को संसद में उठाउंगा- संजय सिंह

संवाददाता, अपनी पत्रिका

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील के बाद भी किसी नागरिक को सुरक्षा नहीं मिल सकती है, तो वह अपनी जान बचाने के लिए किससे गुहार लगाने जाए? महोबा में व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी से डीएम और एसपी हर महीने पांच लाख रुपए रंगदारी वसूलते थे और रंगदारी देने में असमर्थता जताने पर व्यापारी की हत्या करा दी गई। संजय सिंह ने एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि व्यापारी ने अपनी जान बचाने के लिए सीएम योगी से गुहार लगाई थी, लेकिन योगी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीएम योगी जी व्यापारी की हत्या के लिए सीधे जिम्मेदारी हैं और उनको अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक और डीएम की गिरफ्तारी होनी चाहिए और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। उन्होंने कहा कि चीन हमारा दुश्मन बना हुआ है, हमारे जवानों को शहीद कर रहा है, लेकिन दलाली खाने के लिए योगी जी ने 1.45 लाख का एनालाइजर चीनी कंपनी से 3.30 लाख रुपये में खरीदा। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज की बढ़ रहीं हत्याएं, यूपी के करीब 65 जिलों में आॅक्सीमीटर और थर्मामीटर खरीद घोटाला समेत अन्य मामलों को संसद में उठाउंगा।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के राज में अपराधीकरण, हत्याएं, लूट, डकैती, बलात्कार और अपहरण जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन आज जिस मामले का खुलासा में करने जा रहा हूं, यह जानकर आपको हैरानी होगी कि ऐसी घटना भी किसी राज्य में हो सकती है? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के लोगों की हत्याओं के एक नहीं, अनेकों मामले सिलसिलेवार तरीके से सामने आए और मैंने कई बार इस मुद्दे को उठाया है। उसमें चाहे निर्वेन्द्र मिश्रा जोकि पूर्व में तीन बार विधायक रह चुके हैं, उनकी हत्या का मामला हो, चाहे पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या का मामला हो, चाहे 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रभात मिश्रा के फर्जी एनकाउंटर का मामला हो, खुशी दुबे के जेल में रहने का मामला हो, चाहे प्रयागराज में चार लोगों की गला काटकर हत्या करने का मामला हो, चाहे प्रतापगढ़ में कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने का मामला हो, चाहे व्यापारी कैलाश दीक्षित की हत्या का मामला हो, एक लंबी फेहरिस्त ब्राह्मणों की हत्याओं की उत्तर प्रदेश में मौजूद है।

व्यापारी ने एसपी से जान को खतरा बताते हुए सीएम योगी से गुहार लगाई थी और एक हफ्ते बाद उसे गोलियों से भून दिया गया”- संजय सिंह

उन्होंने कहा कि आज जिस मामले का खुलासा मैं करने जा रहा हूं, उसको जानने के बाद आपको लगेगा कि यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर इंसान की रक्षा कैसे होगी? उत्तर प्रदेश के महोबा में रहने वाले एक व्यापारी इंद्र कांत त्रिपाठी का खुद बनाया हुआ वीडियो मीडिया के सामने टेलिकास्ट करते हुए संजय सिंह ने कहा कि इस व्यापारी से क्षेत्र के डीएम और एसपी प्रति माह पांच-पांच लाख रुपए की रंगदारी वसूलते थे। अब तक आपने अपराधियों द्वारा रंगदारी वसूलने की अनेकों घटनाएं सुनी होंगी, परंतु उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के राज में अब राज्य के डीएम और एसपी रंगदारी वसूलने का काम कर रहे हैं। संजय सिंह ने बताया कि व्यापारी इंद्र कांत त्रिपाठी से क्षेत्र के एसपी साहब ने छह लाख रूपर प्रति माह रंगदारी देने की मांग रखी। जब इंद्र कांत त्रिपाठी ने पैसा देने में असमर्थता जताई तो एसपी साहब ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाकर उनके साथ बदतमीजी की, गाली गलौज की और उन को धमकी दी कि यदि पैसा नहीं मिला तो तुम्हारी हत्या करवा दूंगा। उन्होंने बताया कि इस धमकी के संबंध में इंद्र कांत त्रिपाठी ने एक वीडियो बनाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। वीडियो में इंद्र कांत त्रिपाठी ने योगी आदित्यनाथ जी से कहा कि मेरे प्राणों की रक्षा करो, अन्यथा क्षेत्र के एसपी महोदय मेरी हत्या करवा देंगे। संजय सिंह ने बताया कि इंद्र कांत त्रिपाठी जी के इस वीडियो बनाने के लगभग 1 हफ्ते बाद उन पर जानलेवा हमला किया गया, उन्हें गोलियों से भून दिया गया और कल उनकी मृत्यु हो गई।

जिनके कंधों पर क्षेत्र की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वही लोग रंगदारी वसूल रहे”- संजय सिंह

यह बड़ा ही डरावना और चैका देने वाला हादसा है कि क्षेत्र का एसपी जिस के कंधों पर क्षेत्र की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वही क्षेत्र के लोगों से रंगदारी वसूल रहा है और रंगदारी न देने पर उनकी हत्या करवा दे रहा है। तो बताइए कि क्षेत्र की जनता अपनी सुरक्षा के लिए अब कहां जाए? मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से प्रश्न पूछते हुए संजय सिंह ने कहा कि जब आपके प्रदेश का एक व्यापारी आपसे अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा था, बावजूद उसके आप उसके प्राणों की रक्षा नहीं कर पाए क्यों? संजय सिंह ने कहा कि व्यापारी इंद्र कांत त्रिपाठी की मृत्यु के सीधे तौर पर जिम्मेदार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी हैं और नैतिकता के आधार पर योगी आदित्यनाथ जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

संजय सिंह ने मरने वाले व्यापारी का वीडियो संदेश दिखाने के बाद कहा कि साफ तौर पर मरने से पहले इस व्यापारी ने अपील की है, मुख्यमंत्री से बताया है और अपनी जान की गुहार लगाई है। यह वीडियो इस बात का सबूत है। एक ऑडियो सुनाते हुए संजय सिंह ने कहा कि यूपी में डीएम और एसपी रंगदारी वसूलते हैं। दोनों पांच-छह लाख रुपये की रंगदारी वसूलते हैं। यह है उत्तर प्रदेश की योगी सरकार।

कोरोना काल में योगी सरकार ने महा घोटाला किया, इसे संसद में उठाने की कोशिश करूंगा” – संजय सिंह

आज उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के राज में स्थिति बेहद ही विचारणीय बनी हुई है, छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार हो रहे हैं, दलितों को पकड़ पकड़ कर पीटा जा रहा है और ब्राह्मणों की हत्याओं की तो जैसे उत्तर प्रदेश में बाढ़ सी आ गई है। संजय सिंह ने कहा कि यदि संसद में मुझे समय दिया गया, तो मैं इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाऊंगा। साथ ही साथ कोरोना महामारी के इस काल में योगी सरकार में जो महा घोटाला हुआ है, चाय बनाने वाली कंपनी, कंस्ट्रक्शन कंपनी, स्कूल और कॉलेज में कंपनी और राशन बेचने वाली कंपनी से ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर कई सौ गुना महंगे दामों पर खरीद कर जो एक महा घोटाला योगी सरकार ने किया है, इस मामले को भी मैं संसद में उठाने की पूरी कोशिश करूंगा। संजय सिंह ने कहा कि जब पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है, लोगों का जीवन जा रहा है, उत्तर प्रदेश के दो मंत्री अपनी जान गवा चुके हैं, ऐसे समय में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी कोरोना घोटाला करने में लगे हुए हैं, यह अपने आप में एक तरह से शमशान में दलाली खाने का काम है। संजय सिंह ने पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि मीडिया के माध्यम से यह कोरोना घोटाले का मामला जनता के बीच तक जाएगा।
संजय सिंह ने कोरोना घोटाले से जुड़े एक अन्य बिंदु को उठाते हुए कहा, कि न केवल ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर में ही घोटाला किया गया है, बल्कि योगी सरकार ने अपनी ही सरकारी एजेंसी से मिलने वाले 145000 रुपए की कीमत वाले एनालाइजर को चीन की कंपनी से लगभग 3,28,000 रुपए में खरीदा। एक तरफ चीन हमारे सैनिकों को सरहद पर शहीद कर रहा है, मार रहा है और दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी दलाली खाने के लिए चीन की कंपनी से महंगे दामों पर एनालाइजर खरीद रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में डीएम और एसपी सीधे रंगदारी वसूलते हैं और रंगदारी न मिलने पर हत्या करा देते हैं”- संजय सिंह

उन्होंने आगे कहा कि मेरे ऊपर तीन महीनों में 13 मुकदमे दर्ज कर दिए गए। किसी माफिया पर इतने मुकदमें नहीं हुए होंगे जितने मुझपर हो गए। मेरा कार्यालय बंद करा दिया गया, रोज नोटिस भेजते हैं, मेरे परिवार को धमकाने के लिए पुलिस वाले घर आ जाते हैं। मुझे रास्ते में रोक लिया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अपराधी खुले घूम रहे हैं। वो अपराधी किसी के साथ, कहीं भी मारपीट कर सकते हैं, किसी की भी हत्या कर सकते हैं।
योगी सरकार पर हमला करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यूपी में डीएम और एसपी ही गुंडे बन गए हैं, रंगदारी वसूल रहे हैं। मैंने पूरे देश में बहुत अपराधीकरण के मामले सुने, यह तो सुना कि अपराधी रंगदारी वसूलते हैं। लेकिन यह पहली बार सुना कि डीएम और एसपी सीधे रंगदारी वसूलते हैं, और रंगदारी न मिलने पर हत्या करा देते हैं। अभी भी वो एसपी खुले घूम रहा है, उसकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले पर सबसे पहले डीएम और पुलिस अधीक्षक को गिरफ्तार किया जाए।
आप नेता ने मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की पुलिस के खिलाफ योगी सरकार बिलकुल भी जांच नहीं करेगी, जिसके चलते पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच हो। जो वीडियो साक्ष्य सामने है उसके आधार पर योगी जी को अपने पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। जब सीएम से अपील करने के बाद भी यूपी के किसी नागरिक को सुरक्षा नहीं मिल पा रही है तो अब लोग किसके पास गुहार लगाएंगे। प्रदेश के लोग किस से सुरक्षा मांगेंगे, किस से अपनी जान बचाने की अपील करेंगे।

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