व्यापमं मामले की जांच मेरे लिये अग्निपरीक्षा: शिवराज

भोपाल। व्यापमं घोटाले की जांच को अपने लिये अग्निपरीक्षा करार देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि वह अपने आग्रह को स्वीकार करने और सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए उच्चतम न्यायालय के आभारी हैं। साथ ही चौहान ने एजेंसी से जल्द से जल्द जांच का कार्य शुरू करने और सच्चाई सामने लाने का भी आग्रह किया। राज्य में व्यवसायिक भर्ती परीक्षा घोटाले से कथित तौर पर जुड़े काफी संख्या में लोगों की मौतें होने और सीबीआई जांच पर सहमत होने में देर करने पर कांग्रेस के लगातार हमलों का सामना कर रहे शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली तय हो जाए। चौहान ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो घोटाले की जांच नहीं की जाती। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ”मैं आभारी हूं, जो कुछ मैंने उच्चतम न्यायालय के आदेश में सुना। इसमें कहा गया कि हम राज्य सरकार की ओर से अटर्नी जनरल की ओर से उठाये गए कदम की सराहना करते हैं और आग्रह (सीबीआई जांच) स्वीकार करते हैं। मैं शीर्ष अदालत का आभारी हूं।’’

कांग्रेस द्वारा उनके इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को शिवराजफोबिया हो गया है और निचले स्तर पर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”वह दिन में 5-6 बार ऐसी मांग करते हैं।’’ चौहान ने कहा कि घोटालों से कथित तौर पर जुड़े लोगों की मौतों से उनके दिल पर बोझ था और इसके पीछे का सच सामने आना चाहिए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री नयी दिल्ली में आधिकारिक कामकाज के सिलसिले में एक दिन रूकने के बाद आज राज्य वापस लौट गए। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार का बचाव किया और पत्रकार अक्षय सिंह के परिवार से मिले जिनकी इस घोटाले को कवर करने के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मौतों के पीछे संदेह का घेरा सृजित कर दिया गया है और इसे साफ होना चाहिए। उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए राज्य के गृह मंत्री बाबू लाल गौर ने कहा कि अदालत ने इस बारे में राज्य सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लिया है, हम इसका स्वागत करते हैं। हमने अपना राजधर्म पूरा करने का प्रयास किया और उच्चतम न्यायालय के समक्ष सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया। अदालत ने हमारे आग्रह को स्वीकार कर लिया और सच्चाई सामने आ जायेगी।

 

Comments are closed.