एकतरफा प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को क्षति: मोदी

उफा (रूस)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि ‘एकतरफा प्रतिबंधों’ से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। उनका यह बयान पश्चिमी देशों पर परोक्ष प्रहार के रूप में देखा जा रहा है जिन्होंने उक्रेन के मुद्दे पर रस के खिलाफ पाबंदी लगा रखी है। मोदी ने ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के बीच मजबूत और गहरे सहयोग पर समय बल दिया है। भारत की ओर से यह आह्वान ऐसे समय किया गया है जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था ‘मजबूत नहीं’ है और यूरोप जैसे विकसित क्षेत्र में भी संकट दिख रहा है। मोदी ने यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने के तुरंत बाद ब्रिक्स व्यापार परिषद को संबोधित करते हुए कहा ‘‘एकतरफा प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। इसलिए ब्रिक्स देशों के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना अति आवश्यक है।

ब्रिक्स को अन्य विकसित क्षेत्रों के साथ भी काम करना चाहिए।’’ उन्होंने हालांकि अपनी इस टिप्पणी की व्याख्या नहीं की लेकिन इसे अमेरिका और पश्चिम के अन्य देशों के खिलाफ परोक्ष प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है जिन्होंने यूक्रेन मुद्दे पर रूस के खिलाफ आर्थिक व्यापारिक पाबंदिया लगा रखी है। क्रीमिया के 2014 में रूस से जुड़ने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाया था और यूक्रेन के आंतरिक संघर्ष में रूस की कथित भूमिका के कारण पश्चिमी के साथ गतिरोध बढ़ता गया। मोदी के संबोधन के समय सभा में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा भी मौजूद थे।

वाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे ऐसी परियोजनाओं का वित्तपोषण करना चाहिए जो पांचों सदस्य देशों के बीच सीमापार सहयोग से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की आपात कोष व्यवस्था (सीआरए) जल्दी ही लागू होगी जो ब्रिक्स अर्थव्यवस्थओं में स्थिरता लाएगी। उन्होंने कहा ‘‘मुझे उम्मीद है कि सदस्य देश वित्तपोषण की सुविधाओं और निर्यात ऋण बीमा एवं नवोन्मेष के लिए ब्रिक्स की व्यवस्था का फायदा उठा सकेंगे।’’ मोदी ने कहा ‘‘ब्रिक्स के तहत बड़ी परियोजनाओं के लिए पुनर्बीमा कोष की व्यवस्था स्वागतयोग्य कदम है। मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही (सदस्य देशों के) सीमाशुल्क विभागों के बीच भी समझौता होगा। यह व्यापर सुगमता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।’’ उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अपनाई जाने वाली ब्रिक्स आर्थिक रणनीति समूह के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने ब्रिक्स सूचना आदान-प्रदान मंच की स्थापना का भी स्वागत किया।

 

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