नार्थ एमसीडी में योगेश वर्मा का नेता सदन और डीडीए के सदस्य बनने पर वज़ीर पुर को मिल रहा है पूरा लाभ !

-पत्रिका संवाददाता

अशोक विहार: योगेश वर्मा का नार्थ एमसीडी में नेता सदन और डीडीए सदस्य होने का लाभ वज़ीर पुर को खासा मिल रहा है। उनके अपने वार्ड में विकास कार्य तेज़ी से हो रहे है साथ ही समस्त इलाके के जो भी लोग नगर निगम और डीडीए से संबधित समस्याएं लेकर आते है उनका भी समाधान तेज़ी से हो रहा है। इसी कर्म में अशोक विहार फेज -1 के ‘आई’ ब्लॉक से लेकर ‘एफ’ ब्लॉक तक की ग्रीन बेल्ट में प्रिंसिपल आयुक्त का दो बार द्वारा कराया। इस बेल्ट में जगह जगह टूटी दिवार के चलते इलाके में चोरी की घटनाएं हो रही थी। पार्क बदहाल ,जगह कूड़े के ढेर और सुखी घास ऐसे में लोगों ने इस पार्क से खुद को अलग ही कर लिया और हर गेट को बंद कर दिया। जो ग्रीन बेल्ट लोगों के लिए उपहार हो सकती थी वह आफत बन गयी।

दिल्ली दर्पण टीवी के माध्यम से और स्थानीय लोगों की शिकायत पर योगेश वर्मा ने इसे गंभीरता से लिया। महज एक महीने में ही प्रिंसिपल कमीश्नर का तमाम अधिकारीयों के साथ दो बार दौरा करा दिया। इस दौरान इलाके की आरडब्लूए के प्रमुख पदाधिकारी भी साथ थे। कमिशनर राजीव तिवारी ने तमाम समस्याओं को समझा और जल्द ही पार्क को पूरी तरह पुनर्विकसित करने का वादा किया। केशव पुरम नहर की तरफ से टूटी दिवार का निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही पार्कों में पानी का इंतजाम भी होगा। 

योगेश वर्मा के साथ पार्क का दौरा करते हुए अधिकारी

इसी तरह डीडीए के सदस्य बने तो डीडीए के तमाम पार्कों में काम हो रहे है। अशोका गार्डन में उनके प्रयासों से बना फुटपाथ ट्रैक वहां सैर करने आने वालों को बेहद लुभा रहा है।  योगेश वर्मा का दावा है की आने वालों दिनों में हर इलाके के पार्कों के अच्छे दिन आने वाले है।  

मरम्मत करते हुए मजदूर


अपने व्यवहार और काम करने के तरीके ने उन्हें प्रशासनिक अधिकारीयों के साथ साथ इलाके के लोगों और उनकी अपनी पार्टी के नेताओं के बीच लोकप्रिय बना दिया है। योगेश वर्मा पहली बार निगम पार्षद बने तभी से लेकर अब तक नगर निगम की किसी न किसी महत्वपूर्ण पद पर रहें है। इसका पूरा लाभ समस्त वज़ीर पुर विधान सभा को अच्छा खासा मिल रहा है।योगेश वर्मा के वार्ड वज़ीर पुर में जगह -जगह बने कूड़े के ढलाव के बहार बिखरा कूड़ा वज़ीर पुर गावं और केशव पुरम के लिए सबसे बड़ी समस्या थी। योगेश वर्मा ने अब वह समस्या पूरी तरह ख़त्म कर दी है। नार्थ एमसीडी ही नहीं बल्कि तीनों नगर निगमों में यह शायद पहला वार्ड है जो पूरी तरह ढलाव मुक्त हो गया है। वज़ीर पुर गावं और केशव पुरम इलाके के हर प्रवेश मार्ग पर अब कूड़े के ढेर नहीं मिलते। इसी तरह इलाके के पार्कों में काम हो रहे है। नगर निगम में पैसे की कमी के बावजूद पार्कों में काम हो रहा है। समय – समय पर मार्किट और इलाकों में अधिकारीयों के साथ दौरे होते है जिसका नतीजा यह होता है की वार्ड में नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी सतर्क रहतें है। कहने की जरूरत नहीं की योगेश वर्मा के बड़े कद और उनकी काबिलयत का जबरजस्त लाभ वज़ीर पुर को मिल रहा है। जो मौक़ा उन्हें मिला है वे उसका पूरी समझदारी से इस्तेमाल कर रहे है और लोगों के दिलों में जगह बना रहे है।   

“यहाँ चोरियां भी हो रही है” , घास बढ़ी हुई है। कूड़े के ढेर है। बहुत बुरा हाल बना हुआ है। दिवार टूटी होने से चोरियां बढ़ गयी है। योगेश जी ने आरएमसी दिवार बनाने का वादा दिया है। अब लगा रहा है सब कुछ ठीक हो जाएगा।
“शशि , प्रधान आईबी ब्लॉक

योगेश वर्मा प्रशासनिक लापरवाहियों पर भी अधिकारीयों को लताड़ लगा रहे है। आई -एफ ब्लॉक ग्रीन बेल्ट में दिल्ली जल बोर्ड का काम पिछले दो सालों से चल रहा है। इसके खुदाई और काम आधार में होने की वजह से इस ग्रीन बेल्ट को विकसित नहीं किया जा पा रहा है। लिहाज़ा दिल्ली जल बोर्ड से सम्पर्क कर इस काम को जल्द से जल पूरा करने का दबाव भी डाल रहे है। साथ ही यदि जल बोर्ड नहीं जाएगा तो उन पर करवाई करने की भी चेतावनी दे रहे है। योगेश वर्मा ने कहा की डीडीए के पार्क में जल बोर्ड तय समय सीमा के एक साल गुजर जाने के बाद भी काम पूरा नहीं कर रहा है। उन्होंने जल बोर्ड से जल्द से जल्द काम पूरा करने का अनुरोध किया है। योगेश वर्मा ने कहा की ग्रीन बेल्ट में आरएमसी की दिवार होगी ताकि वह टूट न सके। 

“योगेश वर्मा” के प्रयासों से उम्मीद जगी है। दो बार प्रिंसिपल कमिशर का दो बार दौरा कराया है जिसके अच्छे परिणाम आएं है। सभी आरडब्लूए को साथ लेकर काम कर रहे है।

“सूरज गोठवाल , अध्यक्ष आई ब्लॉक आरडब्लूए 

डीडीए के धांधलियों पर भी ध्यान देने की मांग|

 अशोक विहार। डीडीए के उद्यान विभाग में चल रही धांधलियों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। स्थानीय लोगों का कहना है की डीडीए के पार्कों में माली कही नजर नहीं आते। पार्कों में अधिकतर माली ठेकेदार के तहत काम कर रहे है। कुछ को छोड़कर अधिकतर केवल कागजों में ही काम कर रहे है। अपनी पत्रिका के सहयोगी चैनल दिल्ली दर्पण टीवी ने कई पार्क का जायजा लिया। आई ब्लॉक गरीब बेल्ट में प्रिंसिपल कमिशनर के दौरे के दौरान काम कर रहे मालियों ने बताया की वे सुबह से शाम तक काम करते है लेकिन उन्हें वेतन केवल 7 हज़ार प्रतिमाह ही मिल रहा है। जाहिर है डीडीए में यह सबसे बड़ी धांधली है। इसका असर यह होता है की डीडीए के पार्कों में साफ़ सफाई का आभाव रहता है। डीडीए के प्रिंसिपल आयुक्त राजीव तिवारी से हमने बात की तो उन्होंने कहा की जब कभी कोइ शिकायत आती है तो उस पर एक्शन होता है। योगेश वर्मा ने भी वादा किया की यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर एक्शन लिया जाएगा। 

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