SC ने चौटाला और उनके पुत्र की सजा को रखा बरकरार

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आज हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और अन्य की याचिका आज खारिज कर दी जिसमें उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में अपनी दोषसिद्धि और 10 साल के कारावास की सजा को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला और शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘हम इन अपीलों में से किसी पर भी विचार करने को उन्मुख नहीं हैं और उसे खारिज किया जाता है।’’ 80 वर्षीय चौटाला की अपील के अलावा शीर्ष अदालत ने उनके पुत्र अजय सिंह चौटाला और अन्य की भी मामले में याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला ‘तर्कसंगत है।’ अदालत ने हालांकि कहा कि दोषी अपनी याचिकाओं के साथ स्वास्थ्य आधार पर पैरोल जैसी राहत के लिए उच्च न्यायालय में जा सकते हैं। चौटाला, उनके पुत्र और तीन अन्य मामले में 10 साल के कारावास की सजा काट रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश ने 6 जुलाई को चौटाला की याचिका पर सुनवाई करने से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने कहा था कि वह इस मामले में कुछ दोषियों की तरफ से उपस्थित हुए थे। उच्च न्यायालय ने पांच मार्च को चौटाला, उनके पुत्र अजय और तीन अन्य की जेल की सजा को बरकरार रखा था। ओम प्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के अलावा 53 अन्य को निचली अदालत ने साल 2000 में 3206 जेबीटी शिक्षकों की अवैध तरीके से भर्ती करने के लिए दोषी ठहराया था। चौटाला, उनके पुत्र, भंडाफोड़ करने वाले तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार के अलावा उच्च न्यायालय ने आईएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री के तत्कालीन ओएसडी विद्याधर और विधायक और ओम प्रकाश चौटाला के राजनैतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

 

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