सरकार और mcd के खिलाफ नर्सों ने किया हंगामा

राजन बाबू फेफड़े एवं श्रेय रोग संस्थान के बहार नर्सों की हड़ताल। आज से एम सी डी हॉस्पिटल की नर्सें अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चली गई है।तक़रीबन 2000 नर्सें हड़ताल पर है एम सी डी के ज़ोन ईस्ट ,साउथ ,नार्थ के सभी अस्पतालों में ये हड़ताल जारी है। ये हड़तालें प्रमोशन को लेकर है नर्सों के अनुसार उन्होंने एम सी डी और सरकार के सामने कई बार अपनी बात रखनी चाही पर किसी ने भी उनकी मांगों पर विचार नही किया। जिसके लिए उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा। 
 
 नर्सों का कहना है की उनकी सिनियरटी 30 साल की हो गई है पर फिर भी उन्हें प्रमोशन नही मिला। और कोई  उच्च अधिकारी इनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं। इनके अनुसार डॉक्टर्स व हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ को आसानी से प्रमोशन मिल जाती है उन्हें कुछ कहना नही पड़ता पर हम कई कई सालों से जी जान लगाकर  काम कर रहे है पर किसी ने भी हमारे अधिकारों के बारे में नही सोचा। जिस कारण वश हमें ये कदम उठाना पड़ा। 
 
एम सी डी के तक़रीबन सभी हॉस्पिटल में ये हड़ताल जारी है जिनमें महत्वपूर्ण हैं कस्तूरबा हॉस्पिटल , इन्द्रो , आर बी टी , आई डी और स्वामी दयानंद हॉस्पिटल आदि। नर्सों का कहना है की उन्होंने एम सी डी को पहले ही सुचना दे दी थी की 16 नवंबर को नर्सों की  हड़ताल होगी। 3 अक्टूबर को ये सुचना दे दी गई थी तथा 5 नवम्बर को रिमाइंडर भी भेजा गया था और आज हड़ताल शुरू भी हो गई है पर एम सी डी , सरकार या एडिशनल कमिश्नर कोई भी इनसे मिलने तक नही आया। अब ऐसे में देखना यह है की इनकी हड़ताल कब तक चलती है और क्या रुख अपनाती है
 
नर्स हॉस्पिटल के लिए बहुत ज़रूरी स्टाफ है। इससे डॉक्टर्स को तो  परेशानी होगी ही साथ ही मरीज़ों को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एम सी डी और सरकार का फ़र्ज़ बनता है की हड़ताल को जल्द से जल्द ख़त्म करने का कोई रास्ता ढूंढें। 

 

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