भारत में मध्यप्रदेश के युवाओं को पहली बार मिलेगी रोमांचक स्वास्थ्य शिक्षा। 

गोमती तोमर।
भारत में मध्यप्रदेश में पहली बार किशोर-किशोरियों को रोमांचक ढंग से स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रधान करी जाएगी।जी हाँ इसे रोमांचक कहने की एक ख़ास वजह है यूं तो हमारे देश में छोटे बच्चो में कॉमिक्स खूब ही पड़ी होंगी और उसमे के कई किरदार तो उन के इतने पसंदीदा रहे होंगे जिसके कारण उन्होंने उस कॉमिक्स को बार बार पढ़ डाला होगा। ऐसी ही एक योजना बनाई गयी है स्वास्थ्य संबंधित शिक्षा को देने के लिए। 12 कामिक बुक्स एवं एनीमेशन का शुभारंभ किया गया है। एशिया पैसिफिक रीजन की डिप्टी रीजनल डायरेक्टर डॉ. जेनिफर बटलर और स्वास्थ आयुक्त श्रीमती पल्लवी जैन ने आज राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में एनीमेशन फिल्म, साथिया एप और कामिक्स किताबों का विमोचन भी किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यू.एन.एफ.पी.ए. द्वारा तैयार किये गये इस एप और कामिक्स बुक्स को देश में पहली बार मध्यप्रदेश में लांच किया गया हैं। मध्यप्रदेश किशोरों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में देश में आदर्श राज्य के रूप में उभरा है। यहाँ स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से बहुत कम समय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम को सफलता मिली है।ngo से लेकर स्वयं सेवी संस्थाए यहां अपने अपने प्रयासों से हमेशा ही बड़े से बड़े कार्य को आसानी से कर दिखलाती है।मध्यप्रदेश की ये कार्य शैली देख इस संबंध में उड़ीसा, छत्तीसगढ़, दिल्ली आदि राज्य मध्यप्रदेश राज्य का अध्ययन दौरा कर चुके हैं। साथिया यह एप गूगल के प्ले-स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। प्रदेश का कोई भी किशोर अथवा उनके अभिभावक इसे अपने मोबाइल पर इंस्टाल कर किशोर स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। आर.के.एस.के. मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब सॉफ्टवेयर जी.पी.एस.आधारित है। इसमें किशोर मित्र स्वास्थ्य क्लीनिक, गाँव स्तर पर साथिया द्वारा ब्रिग्रेड और गाँव के किशोर-किशोरियों के बीच की जा रही स्वास्थ्य गतिविधियों का डाटा एकत्र करने में मदद मिलेगी। स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रशिक्षक और परामर्शदाता की आउटरीच गतिविधियों की मॉनीटरिंग मोबाइल एप के माध्यम से हो सकेगी। यह एप ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों स्थितियों में काम करेगा।
देश-प्रदेश में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम वर्ष 2014 में शुरू हुआ। प्रथम चरण में यह कार्यक्रम प्रदेश के 11 जिलों झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, डिण्डौरी, मंडला, छतरपुर, पन्ना, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली और सतना जिलों के 6 हजार 780 गाँवों में संचालित हो रहा है। छह स्वास्थ्य विषय-पोषण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, हिंसा एवं चोट और असंचारी रोग पर केन्द्रित कार्यक्रम में 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियां शामिल हैं। महिला-बाल विकास आयुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव, मिशन संचालक श्री एस. विश्वनाथन भी कार्यक्रम में मौजूद थे।आज इस एप के जरिये हजारो बच्चे आसानी से इसकी समस्त जानकारियों से जुड़ गए है। आज के ऑनलइन के इस दौर में यहां हमारा युवा पक्ष सबसे ज्यादा मोबाईल पर समय बिताना पसंद करता है वही अगर पढ़ाई से जुडी जानकारियां भी इन्हे फोन पर उपलब्ध हो जाए तो इन बच्चो का इसे देखने और पढ़ने का रुझान और बढ़ जाएगा। वही हम बात करे कॉमिक्स की तो ऐसा कोई बच्चा नहीं होगा जिसने अपने बच्चपन में कोई रोमांचक कहानियों से भरी कॉमिक्स न पढ़ी हो। पढ़ाई को और रोमांचक रूप इस लिए दिया गया ताकि बच्चा इसे पढ़ने और जानकारी लेने में किसी भी तरह की बोरियत महसूस न करे।

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