दिल्ली विश्व विद्यालय चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत क्या यह ‘आप’ केजरीवाल के पतन की शुरूआत है?

पत्रिका संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चारों उम्मीदवारों की जीत हुई हैं वहीं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा का पतन करने वाली आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुला। शायद इसका कारण केजरीवाल के झूठे वादे है विधानसभा चुनाव में केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से जो वायदे किये थे उन्हे पूरा करने में आप पार्टी अस्मर्थ रही है जिसका नतीजा अब सबके सामने है। केजरीवाल के द्वारा किये गये वायेद जिसमें फ्री वाईफाई की सुविधा थी वायदा पूरा न करने पर छात्रों ने आप पार्टी को ठुकरा दिया। आप पार्टी की इतनी बुरी हार कहीं पतन का आगाज तो नहीं है?

कांग्रेस से जुड़ी छात्र इकाई नेशनल स्टुडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआई) और आप से जुड़ी छात्र इकाई छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) को पराजय का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में आप से जुड़ी छात्र इकाई छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) पहली बार मुकाबले में उतरी थी और वह तीसरे स्थान पर रही। डूसू चुनाव के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी डीएस रावत ने कहा कि अवाना को 20,439 मत प्राप्त हुए और उन्होंने एनएसयूआई के प्रदीव विजयारन को 6327 मतों के अंतर से पराजित किया जिन्हें 14,112 मत प्राप्त हुए। एबीवीपी के सनी धेधा ने उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव में सीवाईएसएस की गरिमा राणा को 7570 मतों के अंतर से पराजित किया। धेधा को 19671 मत प्राप्त हुए जबकि राणा को 12,101 मत मिले। डूसू चुनाव में सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए हुए चुनाव में एबीवीपी उम्मीदवारों की जीत का अंतर क्रमश: 4610 और 6065 रहा। एबीवीपी की अंजली राणा ने सचिव पद के लिए चुनाव में एनएसयूआई के अमित सहरावत को पराजित किया। एबीवीपी के ही छतरपाल यादव ने एनएसयूआई के दीपक चौधरी को पराजित कर संयुक्त सचिव पद पर कब्जा जमाया।

जीत के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष सतेन्दर अवाना ने कहा, ”सीवाईएसएस के प्रयास केवल बैनरों तक ही सीमित रहे। उन्हें जमीनी हकीकत का पता नहीं था। हम छात्रों के बीच साल भर रहेंगे और अपने वादे पूरा करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ”हम उन्हें (सीवाईएसएस) चुनौती नहीं मानते हैं क्योंकि वे वास्तविक मुद्दों पर बात नहीं करते हैं, एक तरह से उन्होंने हमें फायदा पहुंचाया।’’ डूसू चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद किंग्सवे कैम्प में गणना स्थल के पास एबीवीपी कार्यकर्ताओं में उल्लास का माहौल देखा गया। उन्होंने नारे लगाये और फटाखे फोड़े। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विजयी उम्मीदवारों को कंधे पर उठाया। पिछले वर्ष भी डूसू चुनाव में एबीवीपी ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की थी और एनएसयूआई को पराजित किया था।

Comments are closed.