Wednesday, April 17, 2024
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अंजली भारद्वाज: भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, मिला अमेरिकी पुरस्कार

नेहा राठौर


भारत में भ्रष्टाचार जड़ें भले ही गहराई तक जमी हों, लेकिन उसके खिलाफ आवाज उठाने का सिलसिला लगतार जारी है। इसमें एक्टिविस्टों की भूमिका काफी अहम होती है। ऐसी ही एक एक्टिविस्ट हैं अंजली भारद्वाज। उन्हें अमेरिका की बाइडेन प्रशासन ने  भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वालों के लिए एक नए पुरस्कार के लिए चुना है। वह इराक, लीबिया, यूक्रेन आदि देशों से इस पुरस्कार के लिए चुने गए 12 ऐक्टिविस्टों में शामिल किया गया है।


अंजलि भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले अग्रणी ऐक्टिविस्टों में जानी जाती हैं। वो नैशनल कैंपेन फॉर पीपल्स राइट टू इन्फॉर्मेशन की सह-संयोजक हैं। यह वही संस्था है, जिसके अभियानों की वजह से भारत में 2005 में सूचना का अधिकार कानून आया। अंजलि भारत में भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए एक निष्पक्ष और शक्तिशाली नियामक “लोकपाल” की स्थापना के लिए चलाए गए अभियान से भी जुड़ी रही हैं।

जिस पुरस्कार के लिए उन्हें चुना गया है वो जो बाइडेन प्रशासन द्वारा शुरू किया गया एक नया पुरस्कार है। अमेरिकी गृह मंत्रालय ने बताया कि इस पुरस्कार का उद्देश्य उन लोगों के काम को पहचान दिलाना है, जिन्होंने “पारदर्शिता के समर्थन में खड़े रहने, भ्रष्टाचार से लड़ने और अपने अपने देशों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बिना थके काम किया।

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अंजलि के आलावा इस पुरस्कार के लिए 11 और लोगों को चुना गया है। इनमें अल्बानिया के अर्दीयान द्वोरानी, इक्वेडोर की डायना सालाजार, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनीशिया की सोफिया प्रेट्रिक, गुआतेमाला, के हुआन फ्रांसिस्को संदोवाल अल्फारो, गिनी की इब्राहीमा कलिल गुइये, इराक के ढूहा मोहम्मद, किर्गिज गणराज्य के बोलोत तेमिरोव, लीबिया के मुस्तफा अब्दुल्ला, सनल्ला, फिलीपींस के विक्टर सोट्टो, सिएरा लियॉन के फ्रांसिस बेन कैफाला और यूक्रेन के रुस्लान रयाबोशाप्का शामिल हैं।

पुरस्कार के लिए धन्यवाद करते हुए अंजलि ने ट्विट्टर पर लिखा कि यह पुरस्कार पूरे देश में फैले उन लोगों और संगठनों के काम का सम्मान है जो सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित कराने की कोशिश में लगे हुए हैं। अंजलि ने 2003 में सतर्क नागरिक संस्थान नाम की संस्था की भी स्थापना की थी जो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के काम पर रिपोर्ट कार्ड बनाने का काम करती है।

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