विधायक भिण्ड को विनाश की ओर ले जा रहे हैं: संजीव सिंह

भिण्ड। भारतीय जनता पार्टी से भिण्ड विधायक के समर्थकों व रिश्तेदारों द्वारा जिले भर में गैरकानूनी धंधे किये जा रहे है इन सभी गैर कानूनी धंधों को संचालित करवाने में शायद भिण्ड विधायक की सहमती है जिस तरह शनिवार की शाम को अवैध रूप से संचालित की जा रही नयागांव थाना क्षेत्र की ओझा रेत खदान पर भिण्ड जिलाधीश मधुकर आग्नेय व जिला पुलिस अधीक्षक विनीत खन्ना द्वारा अपने साथ अस्सी पुलिसकर्मियों और बारह अफसरों की टीम के साथ जो छापामार कार्रवाई की गई वह सराहनीय है कार्रवाई के दौरान मौके से बीस ट्रक दो पोपलेन मशीन व एक पनडुब्बी को जप्त किया गया है कार्रवाई के दौरान खदान संचालित करने वालों में भिण्ड पूर्व जनपद अध्यक्ष धीरसिंह भदौरिया, बृजेन्द्रसिंह तोमर, दद्दू कीरतपुरा, मोनी तोमर, अन्नू तोमर, मोनू चौहान, रामबहादुर लहरौली आदि नाम शामिल होना बताया गया है। उक्त सभी व्यक्ति भिण्ड विधायक के रिश्तेदार व समर्थक है उक्त उद्गार पूर्व सांसद रामलखन सिंह के बेटे संजीव सिंह कुशवाह ने प्रेस वार्ता के दौरान कही।

गौरी सरोवर पर शिकार करना पूर्व से ही प्रतिबंधित है
कुशवाह ने बताया अगर गौरी सरोवर पर लगे शिला लेखों पर नजर डाले तो उनपर साफ साफ लिखा है यहां पर शिकार खेलना मना है लेकिन इन शिलालेखों को नजर अंदाज कर नगर पालिका द्वारा मछलियों को पकडऩे का ठेका दिया जाता है। पूर्व में नपा द्वारा गौरी सरोवर में मछलियां पकडऩे का ठेका गुपचुप तरीके से दे दिया गया था जिसमें उक्त ठेकेदार को भारी मुनाफा हुआ था। मछली पकडऩे का ठेका मात्र 50 हजार रुपए में ही एक साल के लिए दे दिया गया था लेकिन उक्त ठेकेदार द्वारा लाखों की मछली एक दिन में पकडक़र बेची गई वैसे तो सुबह शाम शहर वासियों का मछली चुगाने के लिए जमावाड़ा लगा रहता है। गौरी सरोवर हम सबकी आस्था का केन्द्र है जिस तरह लोगों के द्वारा अपने कीमती समय में से कुछ समय सुबह शाम मछली चुगाने के लिए निकाला जाता है और वहीं नगर पालिका द्वारा उन्हीं मछलियों को पकडऩे का ठेका दिया जा रहा है पूर्व की भांति नगर पालिका ने इस बार भी गुपचुप तरीके से ठेका देने का मन बना लिया है उक्त ठेका पूर्व में भी भिण्ड विधायक की मंशा अनुसार उनके ही समर्थकों को दिया गया था और इस बार भी कुछ ऐसा ही हो सकता है।

भाजपा विधायक के भांजे का नाम आने पर कार्रवाई से बच रहा है प्रशासन
प्रेसवार्ता के दौरान बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी संजीव सिंह कुशवाह ने बताया कि वैसे तो उक्त सभी वयक्ति भिण्ड विधायक के खैमे के है लेकिन उसमें जो अन्नू तोमर का नाम सामने अया है इसकी वहज से भिण्ड पुलिस अधीक्षक इस ओर कार्रवाई करने से कतरा रहे है अगर प्रशासन इस ओर कार्रवाई करने से कतरा रहे है अगर प्रशासन द्वारा उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध नामजद कार्रवाई नहीं हुई तो उनके हौंसले और बुलंद हो जाएंगे और कहीं न कहीं पुलिसिया कार्रवाई पर भी प्रश्न चिन्ह लग जाएगा। उन्होंने आगे बताया है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस पार्टी पर हवाई फायर भी किए गए है जिसको जिला प्रशासन द्वारा नकारा जा रहा है फायर किए जाने की बात कुछ पुलिस वालों ने ही मुझे दबे हुए स्वर में बताई है।

पनडुब्बी का इस्तेमाल अभी तक किसी खदान पर नहीं हुआ
कुशवाह ने बताया है कि कार्रवाई में जिला प्रशासन को मौके पर पनडुब्बी ने बताया है कि कार्रवाई में जिला प्रशासन को मौके पर पनडुब्बी भी प्राप्त हुई है तो मेरे हिसाब से ओझा खदान को छोडक़र अभी तक किसी भी खदान पर इसका उपयोग नहीं किया गया है। नियमों की बात करें तो रेत खदान पर पनडुब्बी का इस्तेमाल किसी भी हालत में नहीं किया जा सकता है। पनडुब्बी का इस्तेमाल नदी के अन्दर की वस्तुओं के लिए किया जाता है जिसमें कई जीव जंतुओं के मरने की शंका बनी रहती है इसीलिए इसका प्रयोग खदानों पर पूर्णत: प्रतिबंधित है।

होनी चाहिए उच्च स्तरीय जांच
ओझा खदान पर कार्रवाई के दौरान जिस तरह बीस ट्रक दो पोपलेन मशीन व एक पनडुब्बी जप्त हुई है उससे तो यही सिद्ध होता है कि जब कार्रवाई के दौरान बीस ट्रक मौके पर जप्त हुए है तो दिन भर में एक सैकड़ा से अधिक ट्रकों द्वारा रेत सप्लाई किया जा रहा होगा जिला प्रशासन कथन अनुसार खदान पांच माह पूर्व सरेंडर कर दी गई थी तो पांच माह से अभी तक उक्त व्यक्तियों द्वारा प्रशासन को करोड़ों रुपए के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। उन्होंने आगे कहा कि उक्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध प्रशासन को चोरी, अमानत में खयानत, डकैती आदि जैसी संगीन धाराओं के साथ मामला दर्ज करना चाहिए।

नहीं हुई निष्पक्ष कार्रवाई तो करूंगा आंदोलन
संजीव सिंह कुुशवाह ने अंत में कहा कि जिस तरह जिला प्रशासन द्वारा पक्षपात किया जा रहा है इससे जाहिर होता है कि प्रशासन द्वारा कुछ व्यक्तियों का बचाव किया जा रहा है। इसीलिए मीडिया के माध्यम से मैं प्रशासन को अवगत् कराना चाहता हूं अगर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे मजबूरन आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।

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