राजस्थान में मिली नाबालिग बच्ची, बेचने के बाद करा दी थी शादी

इंदौर। पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बना नाबालिग बच्ची को बेचने के मामला पुलिस द्वारा सुलझा लिया गया है। नाबालिग को बेचने और उसकी अपने से अधिक उम्र के व्यक्ति से शादी कराने के मामले में पुलिस नाबालिग को राजस्थान से लेकर इंदौर आ गई। अब उसके बयान लेने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं इस मामले में हिरासत में ली गई महिला पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विगत 6 मार्च को एमआईजी थाना क्षेत्र के कन्नू पटेल की चाल में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग लापता हो गई थी। मामले में परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच पता चला कि एक महिला ने नाबालिग को राजस्थान में बेचा है। महिला पर कार्रवाई की मांग और नाबालिंग की तलाश को लेकर थाने पर हंगामा भी मचाया। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग के शौर्यादल द्वारा भी मामले की जांच शुरू की गई।
उधर पुलिस को पता चला कि नाबालिग राजस्थान के भिलवाड़ा स्थित बिगोद थानांतर्गत जोजवा गांव में है। पुलिस की एक टीम वहां पहुंची, लेकिन खाली हाथ लौट आई। बाद में नाबालिग की लोकेशन सूरत में होने का पता चला। इस दौरान शौर्या दल की जांच में पुलिस कीलापरवाही सामने आई तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद एक बार फिर उसकी तलाश शुरू की गई। इसी बीच नाबालिग के परिजनों ने एसपी पूर्व ओपी त्रिपाठी से मिलकर आरोप लगाया कि कुसुम नामक महिला ने नकली मां बनकर नाबालिग को पांच लाख रुपए में बेचा है। साथ ही एमआईजी पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस राजस्थान गई थी, लेकिन परिवार के बयान लेकर लौट आई। उधर इस मामले में गुजरात के बिचोलिये के शामिल होने की बात परिजनों ने एसपी से कहीं। एसपी के निर्देश पर पुलिस की टीम नाबालिग को राजस्थान से ले आई।
पुलिस और शौर्यादल द्वारा की गई जांच में पता चला कि 14 वर्षीय नाबालिग की 30 साल के अमित जैन से शादी करा दी गई थी। वहीं कुसुम ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि नाबालिग को बेचने के बदले में उसने उसके परिवारवालों को भी रुपये दिए थे। फिलहाल नाबालिग एमआईजी थाने पर है। परिजनों को पुलिस ने बयान के लिए थाने बुलाया है।
यहां हुई पुलिस की लापरवाही
बताया जाता है कि राजस्थान में लड़की के होने का पता चलने के बाद पुलिस यहां पहुंची तो जरूर लेकिन जब नाबालिग नहीं मिली तो परिजनों का बयान लेकर लौट आई। यदि पुलिस अमित के परिवारवालों पर सख्ती करती तो पहले ही उसका पता चल जाता।
गिरोह की आशंका
नाबालिग को लाखों रुपए में बेचना और उसकी शादी कराने के मामले में पुलिस को आशंका है कि यह किसी गिरोह का काम है, जिस कुसुम नामक महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है वह इस पूरे काम को अकेले करने की बात कह रही है, जबकि नाबालिग के परिजनों का कहना है कि उसकी शादी कराने में गुजरात का बिचौलिया भी शामिल है। इससे पुलिस भीयह मानकर चल रही है कि किसी गिरोह के द्वारा यह काम किया गया है।
भरोसे में लिया
शौर्यादल की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि जिस नाबालिग को महिला अपने साथ लेकर गई थी पहले उसे महिला ने करीब 7 दिनों तक पहचान बताकर भरोसे में लिया। 6 मार्च को जब वह उसे लेकर गई तो नए कपड़े भी दिलाए। नाबालिग को मालूम नहीं था कि महिला उसे बेच देगी। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है।वहीं मां घरेलू कार्य करती है, जबकि पिता वाहन चालक है।

 

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