भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ी हैं: मोहन भागवत

पणजी। राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने आज कहा कि देश से दुनिया की अकांक्षाएं बढ रही हैं और यह केंद्र की सत्ता में परिवर्तन के कारण हुआ है। भागवत ने सामाजिक सेवा संगठन ‘जाइंट्स इंटरनेशनल’ के 40वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘यह देश के लिए सही समय है। देश से विश्व की अकांक्षाएं बढ़ रही हैं। हमारा मानना है कि देश ने अब हर किसी को इन अकांक्षाओं को पूरा करने के योग्य बनाने की दिशा में काम करना आरंभ कर दिया है।’’ उन्होंने 50 मिनट के अपने भाषण में कहा, ‘‘देश में यह बदलाव सत्ता में परिवर्तन के कारण हो रहा है।’’ संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘जिस तरह सत्ता में लोग अब काम कर रहे हैं, उससे बदलाव होता है। परंतु यह पर्याप्त नहीं है। अगर आप देश को अधिक सफल बनाना चाहते हैं तो पूरे समाज को इस मौके पर खड़े होना होगा। अगर ऐसा होता है तो सरकार की उपलब्धियां उपयोगी हो सकती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समाज को दूसरों और देश के लिए योगदान देना चाहिए। अगर समाज स्वार्थी होता है तो शासन में अच्छे नेता अथवा आदर्श राजनीतिक ढांचा भी अनुपयोगी हो जाता है।’’ भागवत ने कहा, ‘‘अतीत में राजनीतिक परिवर्तन अनुपयोगी हो गए। उस सयम इस तरफ (समाज) से गलती थी और उस तरफ (सरकार) से भी थी।


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