बाबा हरदेव मंगलवार को पहुंचेंगे रांची, राजकीय अतिथि घोषित

संत निरंकारी मिशन के 25-26 मार्च को धुर्वा के प्रभात तारा मैदान में झारखंड एवं बिहार प्रादेशिक संत समागम के सिलसिले में सद्गुरू बाबा हरदेव सिंह जी मंगलवार की रात रांची पहुंचेंगे। उनकी धर्मपत्नी पूज्य माता सविंदर जी भी उनके साथ होंगी। राज्य सरकार ने उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा दिया है और इसी के अनुरूप सारी व्यवस्था की गयी है। संत निरंकारी मंडल दिल्ली के प्रेस एवं पब्लिसिटी विभाग के प्रभारी कृपा सागर जी ने यह जानकारी दी। सोमवार को वह समागम स्थल पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस समागम में लगभग एक लाख लोगों के जुटने की संभावना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक पखवाड़े से इसकी तैयारी चल रही है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से लोगों को समागम स्थल पर पहुंचाने के लिए 37 बसों की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि 25 मार्च को सुबह दस बजे शोभा यात्रा के साथ समागम का आरंभ होगा। शोभा यात्रा में बाबा हरदेव सिंह जी भी शामिल होंगे। समागमस्थल पर शोभा यात्रा के पहुंचने के बाद कार्यक्रम शुरू होंगे, जो रात दस बजे तक चलेंगे। दूसरे दिन 26 मार्च को सेवा दल की रैली होगी। इसके बाद खेलकूद, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि होंगे।

मिशन के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई धार्मिक संगठन नहीं बल्कि अध्यात्मिक विचारधारा है। उन्होंने कहा कि यहां कोई धार्मिक रीति-रिवाज, परम्परा, पूजा पद्धति, मूर्ति, दूध, फल आदि नहीं होते। इसका मुख्य उद्देश्य मनुष्यता को एक करना है। मिशन का मानना है कि सभी मानव एक है। धर्म कुछ रीति-रिवाजों का प्रतीक बनकर रह गया है। जो एक समूह के लोगों को दूसरे से अलग करता है। प्र्रेम, करूणा, विनम्रता, सहनशीलता, सत्य, निष्ठा जैसे गुण मनुष्य को एक करते है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की जानकारी सद्गुरू के माध्यम से मिलती है। जो हमे सर्वशक्तिमान निरंकार से जोड़ता है।

सेवा कार्यो की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा गुरूवचन सिंह जी एवं अन्य शहीदों के शहादत दिवस 24 अप्रैल को मानव एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन रक्तदान शिविर लगाया जाता है, जो पूरे देश में अनुठा है। 1987 से लेकर अब तक 356 रक्तदान शिविर आयोजित किये जा चुके है। झारखंड में दस शिविर लगाये गये जिनमें से 932 यूनिट रक्त जमा किये गये। इन शिविरों में चार रांची में लगाये गये। इसके अलावा संत निरंकारी मिशन द्वारा दिल्ली, कोलकाता, आगरा और चेन्नई में चार अस्पतालों का संचालन किया जाता है। जबकि 137 औषधालय चलाये जा रहे है। इसी प्रकार एक कॉलेज और 24 स्कूल दिल्ली तथा देश के अन्य भागों में चलाये जा रहे है। महिला सशक्तिकरण के तहत 87 सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र चलाये जा रहे है। इस वर्ष 23 फरवरी को वृक्षारोपण और सफाई अभियान चलाये गये। ये सभी कार्यक्रम संत निरंकारी चैरीटेबल फाउंडेशन की देख-रेख में चलते है।

सामाजिक सुधार के तहत नशा-निषेद, विवाह में सादगी और सामूहिक विवाह कार्यक्रम आदि चलाये जाते है।उन्होंने बताया कि समागम को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। लोगों के ठहरने, लंगर आदि की व्यवस्था की गयी है। बिजली, पानी, स्वच्छता, यातायात आदि से संबंधित सरकारी संस्थाओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है। संवाददाता सम्मेलन में रांची मीडिया प्रभारी रौशनलाल भाट्यिा, निरंकारी मंडल के रांची जोनल इंचार्ज एके सूद, धनबाद जोन के इंचार्ज डीएस मित्तल, रांची के प्रभात रंजन और दिल्ली के मीडिया समिति से आये गुलशन ठुकराल सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

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