बवाना- जेज़े कॉलोनी में बच्ची की मौत को लेकर हुआ हंगामा

बाहरी दिल्ली। बवाना में 10 साल की बच्ची की मौत के मामले को लेकर सुबह से हंगामा पहले रोड जाम फिर हंगामा . उसके बाद पुलिस बूथ का सामान जलाया और पुलिस की  तीन बाइकें जला  डाली. दो गाड़िया पलट कर तोड़ डाली.  लोगो का गुस्सा पुलिस से इतना है की पुलिस वालो पर जमकर पत्थराव भी हुए वही नरेला पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए कई राउंड आसु गैस के  गोले छोड़े. हंगामा इतना जबरदस्त हैं कि हंगामे को काबू करने के लिए  जॉइंट सी.पी स्वयं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद दरहसल यही  से एक बच्ची इसी महीने की 20 तारीख की शाम घर  के पास में ही थी कि  अचानक गायब हो गई …वक्त था शाम के करीब साढ़े आठ बजे …सब जगह तलासा पर बच्ची नही मिली. पुलिस को इतला दी गई , नरेला थाना पुलिस आई और हर दूसरे केसो की तरह गुमसुदगी लिख खानापूर्ति कर दी . परिजन तलासते रहे बच्ची नही मिली । तीन दिन बाद 24 अप्रैल की शाम परिजनों को बच्ची की डेड बॉडी की सूचना मिली , कि  डेड बॉडी रोहिणी के KN काटजू मार्ग थाना एरिया में बवाना नहर से पुलिस को अगले ही दिन डेड बॉडी मिली थी पर परिवार को पहचान के लिए सूचना 24 अप्रैल को मिली  फ़ोटो से पहचाना बच्ची इनकी अपनी थी . अब नरेला थाना पुलिस ने तीन दिन पहले मिली बच्ची का पता करने की जहमत , तीन दिन तक भी नही उठाई उसी जिले के थाना एरिया से 10 साल की बच्ची गायब ह और उसी जिले के दूसरे थाणे में 10 साल की बच्ची की डेड मिलती हैं ,पर तीन दिन तक भी नरेला पुलिस कमन्यूकेशन नही कर पाई उस थाणे से , इसी बात से लोग नाराज है और ईनको आशंका है कही लड़की को रेप के बाद नहर में हत्या कर फेंका पुलिस के लचर रवैये की वजह से लोगों का हंगामा जारी हैं . गुस्साए लोगो ने पुलिस वालो पर जमकर पत्थर भी बरसाए वही नरेला पुलिस ने फिर भीड़ पर काबू पाने के लिए कई राउंड आसु गैस के गोले छोड़े.  जिससे भीड़ तो तितर बितर हो गई. हंगामा इतना जबरदस्त हैं कि हंगामे को काबू करने के लिए  जॉइंट सी.पी स्वयं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद मगर आशंका है की यदि जल्द ही मामला नहीं सुलझा गया तो भीड़ को सम्भालना दिल्ली पुलिस के लिए और ज्यादा मुसीबत ना बन जाये. बहारी दिल्ली के डीसीपी विक्रमजीत सिंह ने अपनी पत्रिका के संवाददाता 21 अप्रैल को नरेला थाने में बच्ची को गुम होने की रिर्पोट दर्ज करवाई गयी थी जिसका नाम समा परवीन। रोहिणी के के.एन.काटजू मार्ग के नहर पर मिली थी। पानी में ज्यादा समय तक रहने के कारण बच्ची की पहचान नहीं हो पा रही थी। 24 अप्रैल को नरेला थाने ने लड़की के परिजनों को सूचित किया था। भीड़ के साथ कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसमें लगभग तीन प्राईवेट गाडियों तथा एक पुलिस की गाड़ी तो तोड़फोड़ की तथा आग के हवाले कर दिया। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की गयी है पुलिस अपराधी के तलाश में जुटी हुई है।

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