फर्जी समूहों के जरिए हो रहा लाखों का आहार घोटाला

कोरबा । आंगनबाड़ी केन्द्रों के जरिए बच्चों, गर्भवती-शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं को दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार रेडी-टू-ईट में गड़बडिय़ों की परतें उघडऩे लगी हैं। फर्जी समूहों का गठन कर लाखों रूपए का आहरण हर माह भाजपा नेता और उसकी पत्नी के खाते में डाला जाता रहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी, श्रीमती कीर्ति जैन व एक अन्य कीर्ति जैन व एक अन्य की मिलीभगत से शासन को हर माह लाखों का नुकसान पहुंचाकर बच्चों का निवाला छीनने का काम किया जा रहा है।
कलेक्टर से की गई शिकायत में भाजपा के पोड़ी उपरोड़ा मंडल महामंत्री लीलार गोस्वामी ने बताया कि उसके द्वारा पूर्व में लाटा स्व सहायता समूह की शिकायत की गयी थी। कोरबा जिला में लाटा स्व सहायता समूह के नाम से विभिन्न परियोजना में 8 समूह चलाए जाते थे। लाटा स्व सहायता समूह रजकम्मा, लाटा स्व सहायता समूह पटियापाली, लाटा स्व सहायता समूह, फरसवानी, लाटा स्व सहायता समूह सोहागपुर, लाटा स्व सहायता समूह पुटीपखना, महामाया स्व सहायता समूह, लाटा स्व सहायता समूह कर्री, लाटा स्व सहायता समूह रैंकी, लाटा स्व सहायता समूह ईरफ। उपरोक्त समूहों की राशि लाटा स्व. सहायता समूह के बैंक खाते क्रमांक 31302891391 में जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता अग्रवाल द्वारा प्रतिमाह लगभग 12 से 15 लाख रूपए शिल्पी शर्मा एवं सुनील शर्मा के खाते में डाला जाता था एवं कमीशनखोरी कर फर्जीवाड़ा को बढ़ावा दिया जा रहा था। वर्तमान में शिकायत पश्चात विभिन्न परियोजनाओं में लाटा समूह का नाम बदलवाकर क्षेत्र में फर्जी समूह का गठन कर विभिन्न क्षेत्र में रजकम्मा से ही पैकेट सप्लाई किया जाता है। इस संबंध में कलेक्टर को 29.09.2014 को पत्र लिखकर स्वयं उपस्थित होकर शिकायत की गयी थी। किंतु निष्पक्ष जांच नही की गयी।
विभिन्न नाम से अलग-अलग परियोजना में संचालित समूह-लाटा स्व सहायता समूह, रजकम्मा (पाली), महामाया स्व सहायता समूह, लैंगा (पसान), जय मातिनदाई स्व सहायता समूह, लैंगा (पसान), इंदिरा स्व सहायता समूह, तनेरा (पसान), दिव्य ज्योति स्व सहायता समूह, कुम्हारी दर्री (पसान), दुर्गावती स्व सहायता समूह, अमलीकुंडा (पसान), ओम सांई स्व सहायता समूह, करगामार (पोड़ीउपरोड़ा), जय बुढ़ीदाई स्व. सहायता समूह, सिरकी (पोड़ीउपरोड़ा), शकुंतला स्व सहायता समूह, पठियापाली (बरपाली, करूणा स्व सहायता समूह, पुरसपाली (बरपाली), जय छत्तीसगढ़ स्व सहायता समूह, सोहागपुर (बरपाली), सांई स्व सहायता समूह, रजकम्मा पोड़ी (पाली) आदि के नाम से गड़बड़ी की जा रही है।
डीपीओ दबाव बनाकर लेती थी झूठा प्रमाण पत्र
उपरोक्त फर्जी समूहों को सन् 2013-14 में डीपीओ श्रीमती अनीता अग्रवाल को कार्य दिया गया है। सेक्टर सुपरवाईजर से दबाव देकर झूठा प्रमाण पत्र लिया जाता था, किन्तु उक्त केंद्रों में सामाग्री का निर्माण नहीं किया जाता था। सभी सामाग्री रजकम्मा में ही बनाई जाती थी। पैकेट का वितरण पूरे माह न कर 15 दिन ही किया जाता था एवं राशि का आहरण पूरे माह का किया जाता था। देयक पर सुपरवाईजर एवं परियोजना अधिकारी कार्यवाही एवं निलम्बन के डर से हस्ताक्षर करते थे। सुनील शर्मा द्वारा सभी सेक्टर पीडीएस केंद्र से अपने गाड़ी द्वारा गेहूं उठाकर रजकम्मा परिवहन किया जाता है एवं 15 दिन के बचत गेहूं को बेचा जाता था। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा स्थानीय समूहों को बिना कारण निरस्त कर हटाकर ठेकेदार के समूहों तथा नए फर्जी समूहों को जिला चयन समिति को भ्रमित कर चयन करते हुए काम दिया गया। उन्होंने भारी भ्रष्ट्राचार कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गयी है।
15 दिन वितरण, भुगतान महीने भर का
बताया गया कि जिले के कई केंद्रों पर ठेकेदारों द्वारा समूह बनाकर 15 दिन वितरण कर पूरे माह का बिल बनाकर बच्चों एवं महिलाओं के अधिकारों निवाला छीन रहे हैं। श्रीमती अग्रवाल द्वारा शासन के नियमों की अवहेलना कर समूह चयन के नाम पर पर्यवेक्षक श्रीमती कीर्ति जैन एवं श्रीमती राजेश्वरी पाटले के माध्यम से प्रत्येक समूहों से 1 से 1.5 लाख रूपए के नाम से 91 समूहों से लिया गया एवं क्षेत्र में 15 दिन के पैकेट बांटकर पूरे माह का पैसा आहरण किया गया। श्रीमती कीर्ति जैन द्वारा समूहों के आवेदन में हेरफेर कर गलत समूहों चयन में सहयोग किया गया। शासन से जारी समूह चयन के निर्देशों की अवहेलना की गयी। उक्त तीनोंपर ठेकेदारों को मदद करने एवं शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने तथा भ्रष्ट्राचार को बढ़ावा देने अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की गई है। अपराध कायम होने के पश्चात और बड़ा खुलासा होगा।

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