पाक में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, नवाज शरीफ थे निशाने पर

इस्लामाबाद पाकिस्तान में आज 11 विदेशियों को लेकर जा रहा एक सैन्य हेलीकॉप्टर उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे फिलीपीन और नॉर्वे के राजदूतों एवं कम से कम चार अन्य लोगों की मौत हो गयी। तालिबान ने हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया और कहा कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उसके निशाने पर थे। हालांकि पाकिस्तान सेना ने देश के उत्तरी हिस्से में पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में हुए इस हादसे के पीछे किसी आतंकवादी या विध्वसंक गतिविधि की संभावना से इनकार किया है। हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर एक स्कूल भवन पर गिरा और उसमें आग लग गयी। इस हादसे में नॉर्वे के राजदूत लीफ एच. लार्सेन, फिलीपीन के डोमिगो डी. लूसेनारियो जेआर, मलेशिया और इंडोनेशिया के राजदूतों की पत्नियां एवं दो सैन्य पायलटों की मौत हो गयी। हेलीकॉप्टर में बच्चे भी सवार थे। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार जब एमआई-17 हेलीकॉप्टर नलतर घाटी में दुर्घटनाग्रस्त हुआ तब वह आपात स्थिति में उतरने की कोशिश कर रहा था। उस पर छह पाकिस्तानी नागरिक और 11 विदेशी नागरिक सवार थे।

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल सलीम बाजवा ने बताया, ‘‘फिलीपीन तथा नॉर्वे के राजदूतों, मलेशिया तथा इंडोनेशिया के राजदूतों की पत्नियों समेत चार विदेशियों और दो पायलट की मौत हो गई।’’ बाजवा ने ट्वीट किया कि नलतर में दो पायलट और चार विदेशियों (फिलीपिन और नार्वे के राजदूतों एवं मलेशिया, इंडोनेशिया के राजदूतों की पत्नियों) की मौत। पोलैंड के और डच राजदूत घायल हो गए। पोलैंड के राजदूत एंड्रजेज एनासिचोलिश और डच राजदूत मार्सेल डि विंक भी इस हादसे में घायल हो गए। बाजवा ने बताया कि कई राजनयिकों को लेकर तीन एमआई-17 सैन्य हेलीकाप्टर गिलगित-बाल्टिस्तान जा रहे थे जहां पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक समारोह को संबोधित करने वाले थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया और कहा कि शरीफ निशाने पर थे। टीटीपी के मुख्य प्रवक्ता मुहम्मद खुरासानी ने उर्दू में किए गए ईमेल में कहा, ‘‘हेलीकॉप्टर को विमान भेदी मिसाइल से मार गिराया गया। इससे पायलट एवं कई विदेशी राजदूतों की मौत हुई।’’

खुरासानी ने कहा, ‘‘तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के विशेष समूह ने इस यात्रा के दौरान नवाज शरीफ को निशाना बनाने के लिए विशेष योजना बनायी थी लेकिन वह बच गए क्योंकि वह दूसरे हेलीकॉप्टर से सफर कर रहे थे।’’ टीटीपी के दावे की तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान को इस आतंकवादी संगठन की मजबूत पकड़ वाले क्षेत्र के रूप में नहीं जाना जाता है। हालांकि बाजवा ने डॉन से कहा कि हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हुआ और उन्होंने आतंकवादी या विध्वंसक गतिविधि की संभावना से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया, ‘‘दो हेलीकाप्टर सुरक्षित उतर गए लेकिन तीसरा हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।’’ उन्होंने बताया कि तय परिपाटी के अनुसार इस हादसे के कारणों की जांच के लिए एक बोर्ड ऑफ इनक्वायरी गठित किया गया है। शरीफ दो परियोजनाओं का उद्घाटन करने इलाके का दौरा करने वाले थे और उनका विमान रास्ते में था लेकिन उसका मार्ग परिवर्तन कर उसे वापस इस्लामाबाद भेज दिया गया जहां वह सुरक्षित उतर गया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया और एक दिन के शोक की घोषणा की। आज का यह हेलीकॉप्टर हादसा वर्ष 2012 के बाद से सबसे भीषणतम हादसा था। वर्ष 2012 में एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 130 लोगों की जान चली गयी थी। आज का हादसा 1988 के हादसे की भी याद दिलाता है जब तत्कालीन सैन्य शासक जनरल जिया उल हक और तत्कालीन अमेरिकी राजदूत अर्नाल्ड राफेल की मौत हो गयी थी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया के उच्चायुक्त भी आज के हादसे में घायल हुए। वैसे आज की यह यात्रा मुख्यत: पर्यटन के उद्देश्य से आयोजित की गयी थी लेकिन राजदूतों के उच्च स्तरीय बैठकों में भी शिरकत करने की संभावना थी जिनमें गिलगित बल्टिस्तान के मुख्यमंत्री सैयद मेहदी शाह के साथ एक मुलाकात भी शामिल थी। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार गिलगित के कम्बाइंड मिल्रिटी अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि घायलों को इस अस्पताल के आपात वार्ड में ले जाया गया। खबर के मुताबिक राजदूतों और दो अन्य दूतों की पत्नियों के शवों को पाकिस्तान वायुसेना द्वारा इस्लामाबाद लाने का इंतजाम किया जा रहा है। इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय ने संबंधित सरकारों को इस दुखद घटना के बारे में बताया।

 

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