पाकिस्तान के स्कूल पर तालिबानी हमला, 104 मरे

पेशावर। भारी हथियारों से लैस तालिबान आतंकवादियों ने आज पाकिस्तान के पेशावर शहर में सेना के एक स्कूल पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं जिसमें 104 लोग मारे गए। घटना में मारे गए लोगों में 84 छात्र शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काले कपड़े पहने हुए कई आतंकवादी वरसाक रोड स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में घुस गए और अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं जिसमें 84 छात्र शामिल हैं। हमले में शिक्षक और सैन्यकर्मी मारे गये।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कूल को चारों ओर से घेर लिया गया है और बचाव अभियान जारी है। माना जाता है कि हमले के वक्त करीब 1000 छात्र और शिक्षक स्कूल के अंदर मौजूद थे। पाकिस्तान के तहरीक-ए-तालिबान गुट के एक प्रवक्ता ने हमले की जिम्मेदारी ली है। एक अधिकारी ने बताया कि हमले में करीब छह आतंकवादी शामिल थे और हमलावरों ने काला लिबास धारण कर रखा था। अभी भी करीब सैंकड़ों छात्र स्कूल के अंदर फंसे हुए हैं।

खबर-पख्तूनख्वा के स्वास्थ्य मंत्री शहरम खान ताराकई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 18 लोगों- 16 छात्र, एक सैन्यकर्मी और एक शिक्षिका की मृत्यु हो चुकी है और 45 अन्य घायल हैं। घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सैनिक वर्दी धारण किए हमलावर अभी भी स्कूल में मौजूद हैं और उन्होंने कई छात्रों को बंधक बना रखा है। प्रांत के सूचना मंत्री मुश्ताक गनी ने बताया कि आतंकवादी आर्मी पब्लिक स्कूल से सटे एक कब्रिस्तान के रास्ते आए थे। यह स्कूल वरसाक रोड पर स्थित सेंट मैरी स्कूल से सटा हुआ है। पिछले कई दिनों से इस स्कूल पर भी आतंकवादी खतरा बना हुआ था। पुलिस और सुरक्षा बलों की बड़ी टुकड़ी ने इलाके को नियंत्रण में लेने के लिए स्कूल की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया है।

एक संक्षिप्त बयान में सेना ने बताया- ‘‘सुरक्षा बलों द्वारा बचाव अभियान जारी है। जवाबी कार्रवाई जारी है। कई छात्रों और कर्मचारियों को निकाल लिया गया है। कुछ बच्चों और शिक्षकों के आतंकवादी हमले में मारे जाने की सूचना है।’’ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता ने दावा किया कि छह आत्मघाती हमलावरों ने सैन्य स्कूल पर हमला किया। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हमले की निंदा की है। विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इमरान खान ने इस हमले को ‘‘बर्बरतापूर्ण’’ कार्रवाई बताया है। खबर-पख्तूनख्वा प्रांत में इमरान खान की पार्टी का शासन है।

स्कूल के समीप रहने वाली शगुफ्ता ने जीओ टीवी को बताया कि उन्होंने दो धमाकों की आवाज सुनी जिसके बाद एक हल्का धमाका हुआ। शुजा नाम के एक छात्र ने समा टीवी को बताया कि जब गोलीबारी शुरू हुई उस समय वे इम्तहान दे रहे थे तभी शिक्षकों ने उनसे जमीन पर लेट जाने को कहा। छात्र ने बताया कि सेना के जवानों के आने तक वे करीब एक घंटे तक फर्श पर लेटे रहे जिसके बाद जवानों ने उन्हें जाने को कहा। कई छात्रों को पीछे के दरवाजे से निकाला गया। वहां से निकले एक छात्र ने दुनिया टीवी को बताया कि जब उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी तब चौथा पीरियड चल रहा था। उसने बताया, ‘‘पहले तो हमें यह पता ही नहीं चला कि क्या हुआ––? लेकिन बाद में सेना के अधिकारियों ने हमें पिछले दरवाजे से निकलने को कहा।’’ भारत में चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाली पाकिस्तान हॉकी टीम के स्वागत के लिए लाहौर में आयोजित स्वागत समारोह को इस घटना के बाद टाल दिया गया। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने बताया कि भविष्य में उचित समय आने पर समारोह आयोजित किया जाएगा।


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