नाबालिग़ मर्सिडीज़ चालक ने ली 32 साल के सिद्धार्थ की जान

सिविल लाइंस इलाके में तेज रफ्तार मर्सिडीज ने सोमवार रात पैदल जा रहे बिजनेस कंसल्टेंट सिद्धार्थ को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी की सिद्धार्थ 20 फ़ीट ऊपर हवा में उछल गए। गंभीर रूप से घायल सिद्धार्थ शर्मा को पास के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ की मोके पर ही मौत हो गई थी।   

घटना के बाद लोगों को जमा होते देख चालक समेत सात किशोर कार को मौके पर छोड़कर भाग गए। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है।

पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि मर्सिडीज किशोर चला रहा था। कार सिविल लाइंस स्थित ओबेराय अपार्टमेंट के बी-52 में रहने वाले मनोज अग्रवाल के नाम पर रजिस्टरड है। 

पुलिस मनोज व उनके बेटे की तलाश कर रही है।जो की  घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस का कहना है कि हो सकता है मनोज का बेटा दोस्तों के साथ रात को मौजमस्ती करने निकला हो और तेज रफ्तार की वजह से हादसा हो गया। ड्राइविंग लाइसेंस न होने की वजह से आरोपी फरार हो गया हो।

डीसीपी उत्तरी जिला, मधुर वर्मा के मुताबिक सिद्धार्थ शर्मा मूलरूप से मुंबई के रहने वाले थे। कुछ साल पहले वह परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हुए थे। वह सिविल लाइंस के यमुना मार्ग स्थित व्हाइट हाउस अपार्टमेंट में रह रहे थे।

बीती रात उनके घरवाले और दोस्तों ने कैंडल मार्च निकाला और प्रदर्शन रते हुए गुनहगार को कड़ी सजा देने की मांग की। सिद्धार्थ के घर वालो का रो रो कर बुरा हाल है और उनकी बस यही मांग है आरोपी को नाबालिग होने के चलते बख्शा नहीं जाना चाहिए।

मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

इस घटना ने साबित कर दिया की गलती करने वाले करोडपति लोग सड़क पर पैदल चलने वालो का दर्द कभी महसूस नहीं कर पाते यह पहली बार नहीं हुआ जब नाबालिग की लापरवाही की वजह से किसी की जान गई हो लेकिन इस मामले में ज्यादा लापरवाही उन बच्चों के माँ बाप की है जो अपने बच्चे के शौक को पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है पढ़ने के उम्र में उनको गाड़ी देने से नहीं डरते उन माँ बाप के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की मांग उठ रही है।  

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