Friday, April 12, 2024
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दिल्ली शराब घोटाला- ईडी ने ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर गौतम मल्होत्रा को किया गिरफ्तार, सिसोदिया पर लटक रही है तलवार

दिल्ली शराब घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर गौतम मल्होत्रा को गिरफ्तार कर लिया है। गौतम पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है और वह शराब बनाने वाली बड़ी कंपनी ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर हैं। गौतम की गिरफ्तारी के बाद अब मनीष सिसोदिया पर भी कारर्वाही की तलवार लटक रही है क्योंकि इस मामले में जांच एजेंसी ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी आरोपी बनाया है और उनसे पूछताछ भी की जा चुकी है।

दिल्ली शराब घोटाले की जद में अब बड़े बड़े नाम सामने आ रहे है। पहले दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ, फिर इस मामले में जिस सीए बुचिबाबू गोरंटला पर कार्रवाई और अब ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर गौतम मल्होत्रा की गिरफ्तारी ने मामले को नया रंग दिया है।  ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर गौतम मल्होत्रा को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। बता दें कि गौतम मल्होत्रा ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर हैं। गौतम मल्होत्रा, पूर्व अकाली दल के विधायक दीप मल्होत्रा के बेटे हैं। गौतम पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है और वह शराब बनाने वाली बड़ी कंपनी ओएसिस ग्रुप के डायरेक्टर हैं। गौतम पंजाब और अन्य क्षेत्रों में शराब के कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस मामले में जिस सीए बुचिबाबू गोरंटला पर कार्रवाई हुई है, वह भारतीय राष्ट्रीय समिति की नेता के कविता के पूर्व सहयोगी बताए जा रहे हैं। बता दें कि के कविता तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव की बेटी हैं।

दिल्ली शराब घोटाला केस में ईडी ने दिल्ली में 25 जगह छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने राजधानी के कई शराब कारोबारियों के आवासों सहित कई ठिकानों पर तलाशी ली। पहले भी ईडी और सीबीआई इस केस में 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। पहले एजेंसी ने कुछ नेताओं, पूर्व नौकरशाह और कारोबारियों के घर तलाशी ली थी।

7 अक्टूबर को दिल्ली, पंजाब और हैदराबाद में 35 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा था। वहीं, 16 सितंबर को ईडी ने भी इस मामले में दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, नेल्लोर और चेन्नई समेत देशभर में 40 ठिकानों पर छापेमारी की थी। तब सिर्फ हैदराबाद में ही 25 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। जांच एजेंसियों ने अब तक केस में तीन आरोपियों विजय नायर, समीर महेंद्रू और अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार किया है। इस मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर भी आरोप हैं। दरसअल, सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ छापे से दो दिन पहले, यानी 17 अगस्त को ही एफआईआर दर्ज कर ली थी। इसमें दावा किया गया था कि एक शराब कारोबारी ने मनीष सिसोदिया के नजदीकी को एक करोड़ रुपए दिए थे।

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 1 अगस्त 2022 को ऐलान किया था कि पुरानी शराब नीति लागू होगी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- केंद्र सरकार ने इस पॉलिसी में सीबीआई की एंट्री करा दी, जिससे कोई भी ठेका लेने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए हम नई व्यवस्था लागू नहीं करेंगे। डिप्टी सीएम ने कहा था कि नई एक्साइज पॉलिसी से भाजपा का भ्रष्टाचार खत्म हो जाता और साल में 9,500 करोड़ का राजस्व आता। वर्तमान में दिल्ली में 468 शराब दुकानें चल रही हैं। भाजपा का मकसद है कि दिल्ली में अवैध शराब बिके। इस नई शराब नीति के तहत दिल्ली सरकार ने ये 5 प्रमुख फैसले लिए। पहला पूरी दिल्ली को 32 जोन में बांटकर हर जोन में 27 लिकर वेंडर रखने की बात कही गई। इसमें फैसला किया गया कि दिल्ली सरकार अब शराब बेचने का काम नहीं करेगी। दूसरा दिल्ली में शराब बेचने के लिए सिर्फ प्राइवेट दुकानें होंगी। तीसरा हर वार्ड में 2 से 3 वेंडर को शराब बेचने की अनुमति दी जाएगी। चौथा शराब दुकानों के लिए लाइसेंस देने की प्रोसेस को आसान और फ्लेक्सिबल बनाया जाएगा। नई शराब नीति पर इन 4 नियमों को तोड़ने के आरोप लगे हैं। जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, व्यापार नियमों के लेनदेन (टीओबीआर)-1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010। इसी वजह से मुख्य सचिव ने आबकारी विभाग से जवाब भी मांगा था। जब 8 जुलाई को इस संबंध में उपराज्यपाल को फाइल भेजी गई तब जाकर इस मामले पर बवाल मचाना शुरू हुआ।

 

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